आंखों से लेकर आंत तक के लिए फायदेमंद है गाजर
  • December 2, 2021

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शेयर करेंवर्षों से हम सब के घरों में मौसमी फल और सब्जियां एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। खासकर सर्दी के दिनों में कहा जाता रहा है कि यह मौसम सेहत बनाने का होता है। गर्मियों और बारिश में जहां सब्जियों के विकल्प सीमित हो जाते हैं, सर्दियां सब्जियों और सलाद के लिए शानदार चीजें उपलब्ध करवाती हैं। उस पर अब कोरोना जैसी समस्या के आने के बाद से सभी को यह समझ आ गया है कि सेहत पर ध्यान दिया जाना बहुत जरूरी है। इसके लिए बाकी सारी चीजों के साथ ही खान-पान पर भी खास ध्यान दिया जाने लगा है। सर्दियां अपने साथ लाती हैं ढेर सारी हरी सब्जियां, फल और गुड़, तिल, सूखे मेवों की सौगात। गाजर भी इन्हीं सौगात में से एक है। तमाम गुणों से भरपूर गाजर को चाहे सलाद की तरह खाएं, इसकी सब्जी बनाएं या हलवा बनाकर मुंह मीठा करें, यह कई तरह से फायदे देती है। तो अगर इस मौसम में पाना है भरपूर पोषण और बनाना है अपनी इम्युनिटी को और मजबूत, तो गाजर का सेवन आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। बेहद फायदेमंद होता है गाजर का सेवन वैसे तो आजकल गाजर हर मौसम में मिलती हैं, पर सर्दी के मौसम में आती हैं गुलाबी या लाल गाजर। सर्दी में आने वाली लाल-गुलाबी गाजरों में मीठापन और एंटीऑक्सीडेंट पिगमेंट्स या बीटा कैरोटीन ज्यादा होता है। इस लिहाज से ये गाजरें ज्यादा पोषण वाली होती हैं। डायबिटीज रोगी भी खा सकते हें गाजर गाजर खान के फायदे: इम्युनिटी के लिहाज से तो गाजर एक अच्छा खाद्य है ही, इनके सेवन से अन्य कई फायदे भी होते है |ये डायबिटीज के नियंत्रण में रखने में मदद कर सकती हैं। गाजर में भरपूर मात्रा में फाइबर और पानी होता है। इसलिए इन्हें खाने पर पेट भरा होने का एहसास होता है जिससे एक्स्ट्रा कैलोरीज खाने से आप बच जाते हैं।    गाजर बीटा कैरोटीन और विटामिन ए का भी बहुत अच्छा स्रोत हैं और यह भी शरीर में शुगर के स्तर को संतुलित करने में मददगार होती है।    गाजर में मौजूद कैल्शियम और विटामिन-के हड्डियों के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।   गाजर के एंटीऑक्सीडेंट्स ह्रदय रोग से लेकर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों की खतरे को कम करने में भी भूमिका निभाते हैं। गाजर बढ़ाता है आंखों की रोशनी     गाजर का नियमित और संतुलित सेवन आंखों की रोशनी को दुरुस्त बनाए रखता है। साथ ही इसमें मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।    गाजर वजन घटाने से लेकर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने तक में मदद करती है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में सहायता करता है और इससे पेट सम्बन्धी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है। गाजर का सेवन संतुलित मात्रा में करें। दिनभर के भोजन में कभी भी या नाश्ते में आप इसे शामिल कर सकते हैं। इसे चुकंदर के साथ मिलाकर सूप भी बना सकते हैं। बस कोशिश करें कि ये आपके रूटीन का जरूरी हिस्सा बने।

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भूख न लगने की समस्या से कैसे पाए छुटकारा
  • November 30, 2021

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शेयर करेंआजकल भूख नहीं लगना एक आम समस्या है। ये परेशानी हर उम्र के लोगों को हो सकती हैं। कई बार तनाव, चिंता, या अवसाद की वजह से भूख कम…

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एक महीने में ही कम होने लगेगी पेट की चर्बी
  • November 29, 2021

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शेयर करेंपेट की चर्बी कैसे कम करें? बढ़ता हुआ वजन आज के समय की सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। वजन बढ़ने के कारण लोगों को तरह-तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम काफी हद तक बढ़ जाता है। शरीर का वजन बढ़ने के साथ पेट की चर्बी भी तेजी से बढ़ने लगती है, जो न सिर्फ शरीर को लुक को बिगाड़ देती है साथ ही इसे सेहत के लिहाज से भी काफी खतरनाक माना जाता है। पेट की चर्बी जिसे बेली फैट के नाम से भी जाना जाता है, उसे कम करने के लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं, हालांकि इसमें सफलता कम ही लोगों को मिल पाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पेट पर जमी हुई चर्बी को आसानी से कम किया जा सकता है, बस इसके लिए आपको कुछ बातों को ध्यान में रखना सबसे जरूरी होगा। आइए आगे की स्लाइडों में उन्हीं उपायों के बारे में जानते हैं जिनको प्रयोग में लाकर पेट की चर्बी को आसानी से कम किया जा सकता है। आहार में कम कर दें चीनी की मात्रा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक एडेड शुगर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना आपके स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। इन चीजों का बहुत अधिक सेवन शरीर के वजन को तेजी से बढ़ाने लगता है। अध्ययनों से पता चलता है कि एडेड शुगर वाली चीजें मेटाबॉलिज्म पर हानिकारक प्रभाव डाल सकती हैं। कई अध्ययनों से पता चलता है कि अधिक मात्रा में चीनी युक्त चीजें पेट और लिवर के आसपास फैट का निर्माण कर सकती है। इनसे दूरी बनाकर पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है। तनाव को करें नियंत्रित अध्ययनों से पता चलता है कि तनाव के कारण अधिवृक्क ग्रंथियां प्रभावित होती हैं जिससे कोर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन बढ़ने लगता है जो पेट की चर्बी को बढ़ा सकती है। शोध से पता चलता है कि हाई कोर्टिसोल का स्तर भूख बढ़ाने के साथ पेट के आसपास चर्बी को जमा करने लगता है। वहीं जिन महिलाओं की कमर पहले से ही बड़ी होती है, उनमें तनाव के कारण अधिक कोर्टिसोल का उत्पादन होता है, जिससे शरीर पर और भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। एरोबिक व्यायाम का करें अभ्यास एरोबिक व्यायाम (कार्डियो) आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और कैलोरी बर्न करने में मददगार हो सकते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि पेट की चर्बी कम करने के लिए इस तरह के व्यायाम का अभ्यास करना काफी फायदेमंद हो सकता है।  स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर को स्वस्थ और तमाम प्रकार की बीमारियों के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए सप्ताह में 150 मिनट का व्यायाम जरूर करना चाहिए। पर्याप्त नींद बहुत आवश्यक वजन कम करने सहित संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए नींद पूरी करना सबसे आवश्यक माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, उनमें पेट की चर्बी सहित शरीर के वजन बढ़ने का खतरा अधिक होता है। 68,000 से अधिक महिलाओं पर 16 साल तक किए गए अध्ययन में पाया गया कि जो लोग रात में 5 घंटे से कम सोते हैं, उनमें अन्य लोगों की तुलना में वजन बढ़ने की आशंका अधिक होती है।

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रोजाना खाएं 30 ग्राम ओट्स
  • November 26, 2021

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शेयर करेंझटपट तैयार होने वाला ओट्स खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही हेल्दी भी है. हर दिन नाश्ते में ओट्स खाने से आप दिन भर चुस्त-दुरुस्त महसूस करते हैं….

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ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के साथ ही कैंसर से बचाव भी करती है इलायची
  • November 26, 2021

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शेयर करेंHealth benefits of ardamom इलायची में एंटी इंफेलेमेंटरी गुण मौजूद होते हैं जो मुंह का कैंसर त्वचा के कैंसर से लड़ने में मददगार होते हैं। बढ़ते वजन को कंट्रोल करती है इलायची। इसे गर्म पानी के साथ खाएंगे तो रात को अच्छी नींद आएगी । इलायची बेहतरीन माउथफ्रेशनर है जिसका इस्तेमाल खाना पकाने से लेकर कई तरह की मिठाईयों में होता है। औषधीय गुणों से भरपूर इलायची एक ऐसा मसाला है जिससे कई बीमारियों का उपचार किया जाता है। इलायची में कार्बोहाइड्रेट, डाइटरी फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, आयरन और फॉस्फोरस मुख्य रुप से मौजूद होता है जो अच्छी सेहत के लिए उपयोगी है। इलायची में एंटी इंफेलेमेंटरी गुण मौजूद होते हैं जो मुंह का कैंसर, त्वचा के कैंसर से लड़ने में मददगार होते हैं। बढ़ते वजन को कंट्रोल करना चाहते हैं तो इलायची का सेवन करें। इलायची को गर्म पानी के साथ खाएंगे तो रात को अच्छी नींद आएगी और खर्राटे की समस्या भी दूर होगी। आइए जानते हैं इलाइची सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद हैं। इलाइची के फायदे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है: एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों से भरपूर इलाइची बार-बार पेशाब आने की समस्या का इलाज करती है। इसमें मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज पदार्थ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। कैंसर से लड़ने वाला गुण इलाइची में कैंसर से लड़ने वाले गुण भी मौजूद होते हैं। इलाइची के पाउडर का सेवन करने से शरीर के अंदर कुछ एंजाइम बनते हैं जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मददगार है। इलाइची में ट्यूमर को खत्म करने के गुण भी मौजूद होते हैं। सर्दी–खांसी और गले की खराश से आराम दिलाती है: मौसम बदलने पर अक्सर कमजोर इम्युनिटी वाले लोग सर्दी-खांसी की चपेट में आ जाते हैं। सर्दी होने पर गले में खराश होने लगती है। इलायची का सेवन खांसी और गले की खराश से आराम दिलाता है। खांसी सर्दी-जुकाम दूर करने की सबसे प्रमुख आयुर्वेदिक औषधि सितोपलादि चूर्ण में भी मौजूद होती है। पाचन को दुरूस्त रखती है: इलायची पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है। कुछ लोग खाने के बाद इलाइची चबाते हैं जिससे डाइजेस्टिव सिस्टम सही रहता है। एग्जाइटी को दूर करती है: इलायची का इस्तेमाल डिप्रेशन से निजात पाने में भी किया जाता है। डिप्रेशन दूर करने के लिए इलायची को पानी में उबालकर पीना चाहिए। अगर एंग्जाइटी ज्यादा है तो दिन में 2-3 बार इलायची का सेवन करना फायदेमंद रहता है।

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एक आदत जो बढ़ाती है मोटापे और पेट की चर्बी का ख़तरा
  • November 24, 2021

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शेयर करेंनई दिल्ली । हम सभी एक अजीब से समय में जी रहे हैं। एक तरफ समाज का एक ऐसा वर्ग है, जो कुपोषण के कारण बीमारियों और मौत का सामना कर रहा है, वहीं, दूसरी ओर विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े बताते हैं कि 1975 के बाद से दुनिया भर में मोटापा लगभग तीन गुना बढ़ गया है। 2016 में, 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 1.9 बिलियन से अधिक वयस्कों का वज़न ज़्यादा था, इनमें से 650 मिलियन से ज़्यादा लोग मोटापे पीड़ित थे। 2016 में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के 39 प्रतिशत वयस्क अधिक वजन वाले थे और 13 प्रतिशत मोटे थे। भारत में पेट से बढ़ता मोटापा तेज़ी से दिल से जुड़ी बीमारियों का कारण बन रहा है। क्या ज़रूरत से ज़्यादा खाना और एक्सरसाइज़ की कमी मोटापे का कारण है? रिसर्च के मुताबिक, सिर्फ ख़राब डाइट और वर्कआउट की कमी ही मोटापे की वजह नहीं है, इसके पीछे नींद न पूरी होना भी एक बड़ी वजह है। समय पर न सोने या फिर अच्छी नींद न लेने से भी पेट की चर्बी बढ़ती है। जामा नेटवर्क ओपन द्वारा 1 जून, 2021 को ऑनलाइन शोध किया गया। जिसमें 26 देशों के 137,000 लोग शामिल हुए थे। प्रतिभागियों ने उनकी सोने की आदत के बारे में सवालों के जवाब दिए, लगभग 14 प्रतिशत ने कहा कि वे आधी रात या उसके बाद सोते हैं। रात 8 बजे से 10 बजे के बीच सोने के समय की तुलना में, इसके बाद सोने से मोटापे या कमर के आसपास चर्बी बढ़ने का जोखिम बढ़ता है। सुबह 2 बजे से सुबह 6 बजे के बीच सोने वाले लोगों में जोखिम और भी ज़्यादा बढ़ जाता है। दिन में लंबे समय तक सोने से भी पेट की चर्बी बढ़ने का ख़तरा बढ़ जाता है, खासकर महिलाओं में। अगर आप 10 बजे से पहले सो जाते हैं, तो मोटापे का ख़तरा काफी कम हो जाता है। अच्छी नींद लेने स सेहत में सुधार आता है? हर व्यक्ति को अच्छी सेहत के लिए कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दिन में किसी भी वक्त सोना सही है। एक शोध के मुताबिक, जो लोग देर रात सोते हैं या कम नींद लेते हैं, उनमें मोटापे का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं, दिन में ज़्यादा सो लेने से फायदा नहीं मिलता, बल्कि पेट की चर्बी बढ़ने का जोखिम बढ़ जाता है

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इन फलों में ग्रीन टी से कहीं ज्यादा पाया जाता है एंटीऑक्सिडेंट्स
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शेयर करेंजिंक भी आयरन और कैल्शियम की तरह शरीर के कार्यों के लिए बहुत जरूरी मिनरल है, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। जिंक इम्यूनिटी, स्किन और ज़ख्मों का उपचार करने में बेहद असरदार है। यह शुगर को कंट्रोल करता है, साथ ही दिल की सेहत का भी ध्यान रखता है। जिंक स्किन और बालों के लिए भी जरूरी है। शरीर में ज़िंक अपने आप नहीं बनता, बल्कि इसकी कमी पूरा करने के लिए जिंक से भरपूर डाइट की जरूरत होती है। जिंक की कमी होने पर बॉडी में कई तरह की परेशानियां पैदा हो जाती है, जो सेहत को नुकसान पहुंचाती है। आइए जानते हैं कि जिंक की कमी के बॉडी में कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं और उसकी कमी को पूरा करने के लिए डाइट में किन-किन चीज़ों को शामिल करें। जिंक की कमी के लक्षण: वजन कम होना, कमजोरी महसूस होना, भूख कम लगना, मानसिक स्वास्थ्य पर असर होना,  स्वाद और गंध का पता नहीं चलना, बार-बार दस्त होना और बालों का झड़ना, घाव का देरी से भरना। जिंक की कमी पूरा करने के लिए डाइट मशरूम का करें सेवन: ज़िंक की कमी को पूरा करने के लिए डाइट में मशरूम शामिल करें। कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन से भरपूर मशरूम जिंक की कमी को पूरा करता है, साथ ही सेहत का भी ध्यान रखता है। मशरूम में भरपूर मात्रा में विटामिन डी मौजूद होता है जो सेहत के लिए बेहद जरूरी है। मूंगफली जिंक का बेहतरीन स्रोत: आयरन, पोटैशियम, फोलिक एसिड, विटामिन ई, मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर मूंगफली में जिंक काफी मौजूद होता है जो बॉडी में जिंक की कमी को पूरा करता है।  तिल को करें डाइट में शामिल:   तिल जिंक का अच्छा सोर्स माना जाता है जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, फोलिक एसिड और बी कॉम्प्लेक्स भी मौजूद होता है। सर्दी में तिल का सेवन बॉडी को हेल्दी रखता है। अंडा का करें सेवन: जिंक की कमी को दूर करने के लिए अंडे का पीला हिस्सा डाइट में शामिल करें। अंडे की जर्दी में भरपूर ज़िंक पाया जाता है। अंडे के पीले हिस्से में ज़िंक, कैल्शियम, आयरन, विटमिन बी12, थाइमिन, विटमिन बी6, फोलेट और फास्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं जो अच्छी सेहत के लिए उपयोगी हैं। दही का करें सेवन: दही इम्यूनिटी को इम्प्रूव करती है, साथ ही पाचन को भी स्ट्रॉन्ग बनाती है। दही में जिंक होता है जिससे पेट हेल्दी रहता है।  लहसुन भी है जिंक के लिए जरूरी: बॉडी में ज़िंक की कमी होने पर आपको रोज लहसुन की एक कली खानी चाहिए। औषधीय गुणों से भरपूर लहसुन में विटामिन ए, बी और सी, आयोडीन, आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं जो आपको सेहतमंद रखते हैं।

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