6 वर्षों से जरूरतमंदों की हमदर्द एवं विकलाँग जनोँ का सहारा बनी जन समर्पण सेवा संस्था

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दुर्ग ।। भूखे को भोजन करवाना सबसे बड़ा मानव धर्म है। इस धर्म को इंगित करते हुए कस्बे की सामाजिक संस्था ‘‘जन समर्पण सेवा संस्था’…की ओर से शुरू की गई भोजन सेवा एवं गौ सेवा आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई है। कोई भूखा ना सोए इस अनुकरणीय पहल के साथ 1 जनवरी 2017 को जब पूरा शहर नये वर्ष की पार्टी बना रहा था तब इस संस्था के युवा शहर में घूम घूमकर गरीबों को निशुल्क भोजन वितरण कर रहे थे, 1 जनवरी 2017 से आज तक बिना किसी दिन नागा के प्रतिदिन दुर्ग रेल्वे स्टेशन एवं शहर के विभिन्न स्थानों में करीब 100-150 जरूरतमंद गरीब, असहाय, विकलांग जनों को भोजन कराते हैं। इस कार्य में संस्था के युवा साथियों के साथ अन्य स्वयंसेवक, धार्मिक एवं सामाजिक संस्था भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, संस्था के इस नेकी कार्य में शहर एवं प्रदेश के दानदाता भी सहयोग देकर इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभा रहे हैं।

संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया कि इस सेवा कार्य को शुरू किए 6 साल पूर्ण होने जा रहे है। जिसमें प्रतिदिन दुर्ग रेल्वे स्टेशन में एक साथ सभी गरीब, असहाय, विकलांग जनों को भोजन कराया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन भोजन के लिए आने वाले जरूरतमंद जब यहां पर भोजन कर जाते हैं तो दुआएं व आशीर्वाद दिए बिना भी नहीं रहते। ये दुआएं व आशीर्वाद यहां सेवा दे रहे लोगों में ऊर्जा भर देता हैं। जो नि:स्वार्थ भाव से यहां सेवा में जुटे रहते हैं। महिलाओं के साथ आने वाले छोटे-छोटे बच्चे जब पंगत में बैठकर भोजन से भरी थाली में खाते हैं तो उनके चेहरों पर जो खुशी दिखाई देती है उसे बया करना मुश्किल है।

जरूरतमंदों का सहारा बनी जन समर्पण सेवा संस्था, रसोई बनाने से लेकर बर्तन तक मांजते हैं सेवादार यहां सेवा देने वाले सेवादार रसोई के विभिन्न कार्यों में सहयोग देने के साथ-साथ, भोजन कराने व भोजन के बाद झूठे बर्तनों को मांजने का भी काम करते हैं।, जो सेवाभाव का अनुपम उदाहरण पेश करता है।

 

आमजन की बढ़ रही है भागीदारी: – संस्था के अध्यक्ष बंटी शर्मा ने बताया कि इस सेवा कार्य परियोजना में आमजन की भागीदारी निरंतर बढ़ती जा रही है। योजना शुरू करने के बाद से दानदाताओं का सहयोग निरंतर मिल रहा है। संस्था के सदस्यों ने इस भोजन सेवा में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं का आभार जताते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ की पावन दुर्ग शहर में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए इसी उद्देश्य के साथ इस सेवा की शुरुआत की गई है, जिसके लिए निरन्तर प्रयास किया जा रहा है।

प्रतिदिन संस्था के सदस्य एवं शहर के विभिन्न सामाजिक गण संस्था के सदस्यों के साथ मिलकर संस्था की थीम के अनुसार अपने सुअवसरों को सामाजिक सरोकार से जोड़ने की कोशिश लगातार कर रहे है..।
खुशी के पल बांटते है यहां: – लोग अपने खुशी के पल जैसे जन्मदिन, शादी की साल गिरह सहित विभिन्न अवसरों पर यहां गरीबों को भोजन के माध्यम से अपनी खुशी बांटते हैं। इस सेवा के शुरू होने के बाद से रोजाना यहां लोग जरूरतमंद के बीच आकर उन्हें भोजन कराकर अपने खुशियों को दोगुना करते हैं, जरूरमंदों को भोजन कराने से जो आत्मिक सुख की अनुभूति होती है वह और कही नही मिलती


1 जनवरी 2017 से प्रारंभ की गई यह सेवा को 1 जनवरी 2023 को 6 वर्ष पूर्ण होने जा रहा है, इस 6 वर्ष में संस्था द्वारा सभी के सहयोग से प्रतिदिन लगभग 100 से 150 गरीब, असहाय, एवं जरूरतमंदों को भोजन के साथ साथ साबुन, निरमा, तेल, दवाई, दूध, बिस्किट, कपड़ा एवं विकलांगों को ट्रायसिकल, बैशाखी, व्हीलचेयर, कम्मोट चेयर, ठंड से बचने के लिए कम्बल, कपडे, बर्तन एवं अन्य सामाग्री निशुल्क वितरण करते आ रही है. जिसमें इन 6 वर्षों में संस्था द्वारा 82 बैसाखी, 53 ट्रायसिकल, लगभग 3800 से अधिक कम्बल वितरण किये, संस्था द्वारा शहर में पशु-पक्षियों के दाना-पानी के लिए घरों की छत में रखने के लिए लगभग 3 हजार से अधिक साकोरे एवं शहर के प्रमुख 300 स्थानों में कोटना रखा गया है, गौ माता को दुर्घटना से बचाव के लिए 1 हजार से ज्यादा रेडियम पट्टी संस्था द्वारा गौ माता के गले मे पहनाई गयी है, इसके साथ साथ दीपावली पर्व में नये कपड़े, साड़ी, मिष्ठान, बच्चों को पटाखा, होली में रंग गुलाल, एवं अन्य सभी पर्वों में उपयोग की जाने वाली जरूरत की सामाग्री वितरण की जा रही है

संस्था द्वारा इस वर्ष दीपावली पर्व में बुजुर्गो को नया कुर्ता पैजामा, महिलओं को साड़ी, बच्चों को नया कपड़ा, पटाखे एवं मिष्ठान वितरण किया गया एवं इस वर्ष बहुत अधिक ठंड होने को देखते हुए आज दिनाँक तक लगभग 800 कम्बल का वितरण किया गया है, संस्था के युवा सदस्यों द्वारा विगत 30 दिनों से लगातार प्रतिदिन रात्रि शहर के विभिन्न स्थानों में घूम-घूमकर रोड में या खुले में अपना जीवन यापन करने वाले गरीब, असहाय, विकलांग, एवं जरूरतमंदों को कम्बल वितरण किया जा रहा है ।

संस्था द्वारा 1 जनवरी 2017 से प्रारंभ की गई सेवा को 6 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 2 दिवस गौसेवा एवं मानव सेवा का कार्य किया जावेगा जिसमें दिनाँक 31 दिसम्बर को शहर के अनाथ आश्रमों में सभी जरूरतमंदों को जरूरत की सामग्री का वितरण, एवं गौठान में गौ माता को चारा खिलाया जावेग, दिनाँक 1 जनवरी को दुर्ग जिला चिकित्सालय में जन्मे बच्चे को उनकी जरूरत की सामग्री, खिलौने, छोटे कम्बल एवं जन्म देने वाली माता को कम्बल साड़ी का वितरण किया जावेगा ।

सेवा कार्य मे प्रतिदिन अर्जित शुक्ला, शिशु शुक्ला, आशीष मेश्राम, प्रकाश कश्यप, दद्दू ढीमर, राजेन्द्र ताम्रकार, अख्तर खान, हरीश ढीमर, संजय सेन, मृदुल गुप्ता, शुभम सेन, शिबू खान, सुजल शर्मा, वाशु शर्मा, पवन अग्रवाल, कृतज्ञ शर्मा, शब्बीर खान, मोहित पुरोहित, समीर खान, रिषी गुप्ता, मिलन जैन एवं संस्था के अन्य सदस्य सेवा दे रहे है..

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