धमधा। नगर में पशु चिकित्सालय का हाल बेहाल अव्यवस्था का आलम है बीते दिनों हुए प्रशासनिक तबादले से डॉ.एस एस मित्रा के जाने के बाद से मानो पशु चिकित्सालय में नव पदस्थ डॉ कविता खोसला के आने के बाद से एक भी दिन डॉक्टर का पशु चिकित्सालय औषाधालय ना आना डॉक्टर विहीन हो चुका है किसानों व पशु पालकों द्वारा दूरसंचार के माध्यम से पदस्थ डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की जाती है लेकिन डॉक्टर द्वारा फोन रिसीव भी नहीं किया जाता।राज्य शासन के महत्वकांक्षी योजना नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है किसान अपने मवेशी को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शासन से मिलने वाले योजना बकरी पालन मुर्गी पालन कबूतर पालन सूअर पालन जैसे योजनाओं के लिए हितग्राही आवेदन लेकर चक्कर काट रहे हैं वहीं डॉक्टर के ना रहने से यहां का व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुका है ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों में हो रहा चक्का जैसे गंभीर बीमारी फैलते नजर आ रहे हैं बधिया करण टीकाकरण ना होना समझ से परे है जिला प्रशासन पशु चिकित्सा विभाग को चाहिए कि ऐसे मामले का तत्काल संज्ञान में लेते हुए पदेन डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की आवश्यकता है तभी किसानों पशुपालकों को पशु चिकित्सालय से योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।
बता दें कि छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री एवं स्थानीय विधायक रविंद्र चौबे के क्षेत्र में पशु चिकित्सा विभाग में यह हाल है तो अन्य जिले और प्रदेश के अन्य पशु चिकित्सालय में क्या स्थिति होगी यह तो भगवान ही मालिक है।









