आरएसएस ने किया जामुल में पथसंचलन
जामुल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जामुल नगर द्वारा हाई स्कूल परिसर में विजयादशमी उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया गया इस दौरान मुख्य अतिथि डॉ पोषण देवांगन, मुख्य वक्ता कमल सिंह राठौर विभाग प्रचारक दुर्ग ,केदार साहू नगर संघचालक जामुल मुख्य रूप से मंच पर उपस्थित रहे। नगर के स्वयंसेवकों द्वारा जामुल के विभिन्न मार्गों में पथसंचलन करते हुए वार्ड 1 और 2 विश्वकर्मा चौक, वार्ड 3 और 4 नंदनी रोड,से संतोषी चौक होते हुए कार्यक्रम स्थल में पथसंचलन का समापन हुआ ।
मुख्य वक्ता कमल राठौर ने कहा कि विजया दशमी साहस शौर्य व शक्ति का महापर्व है। हम भारत के नागरिक हैं भारत को हम सब अपनी माता मानते हैं, हिन्दू धर्म मे सनातन वैदिक संस्कृति के आधार पर उत्सव होते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रतिज्ञा पहले स्वतन्त्रता के लिए था । अब संघ का लक्ष्य भारत के सर्वागीण उन्नति के लिये है।आत्म विषमृति के कारण हिंदुभाव के जागरण में कमी आई कालान्तर में छत्रपति शिवाजी महाराज ने समाज को संघटित कर हिंदवी स्वराज की स्थापना की 1925 में नागपुर में विजयादशमी के दिन डॉ केशव बलीराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की जो समाज जीवन में राष्ट्र कार्य को प्रमाणिकता से निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे है। सतयुग में माँ जगदम्बा ने महिसासुर का वध किया। संघ की शक्ति ही कलयुग में प्रबल है। कोरोना के काल खंड में स्वयंसेवको ने अनेकों सेवा कार्य किया। प्रतिदिन संघ की शाखा में शाररिक व बौद्धिक विकास के द्वारा व्यक्तित्व निर्माण का कार्य निरतंर गतिशील है । संघ का स्वयंसेवक दीपक के समान प्रकाश देते हुए समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ता कार्य कर रहे है। 2 लाख से अधिक सेवा कार्य चल रहे हैं। यह दिवस आज संकल्प का भी है अपने कार्य की दृष्टि से बस्ती एव गांव की ओर पूर्णता की ओर जाना है। इस
दौरान नगर के स्वयंसेवक ओर गणमान्य प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे ।









