आदिमजाति, अनु. जाति, पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक के विकास के लिए ऐसा काम करें कि देश में बने छत्तीसगढ़ की अलग पहचान : रामविचार नेताम

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रायपुर // आदिमजाति, अनुसूचित जाति, पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक मंत्री रामविचार नेताम ने आज अटल नगर, नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय ट्राइवल रिसर्च इंस्ट्रिट्यूट सभा कक्ष में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओ की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि आदिमजाति विकास के तहत ऐसा कार्य करें कि छत्तीसगढ़ की  देश-दुनिया में एक अलग पहचान बने। आदिमजाति, अनुसूचितजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समाज के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए संवेदन शीलता के सथ कार्य किया जाए। सभी आश्रम-छात्रवासों में स्वच्छता के साथ शिक्षा का वातावरण हो। शिक्षा के साथ-साथ खेल प्रतीभाओं को सामने लाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं के स्वस्थ तन, स्वस्थ मन की दृष्टिकोण से आश्रम-छात्रवास परिसर में जिम स्थापित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में सचिव डी.डी.सिंह और संचालक श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री नेताम ने रिसर्च सेंटरऔर लाईब्रेरी का भी अवलोकन किया। लाईब्रेरी में संग्रहित आदिम जाति कला संस्कृति तथा परंपराओं पर आधारित किताबों के संग्रह से काफी प्रभावित हुए।

मंत्री श्री नेताम ने समीक्षा बैठक में कहा कि आश्रम छात्रवास के बच्चे भी आपके बच्चे की तरह है। उनके बेहतर भविष्य के लिए तत्परता के साथ कार्य किया जाना सुनिश्चित हो।  उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं को पूरा करने के साथ-साथ नई परियोजनाओं के माध्यम से भी विभाग को उत्कृष्ट श्रेणी में लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विभाग में जो भी समस्याएं व परेशानी होगी, उन्हें मिल-जुलकर दूर किया जाएगा। विभाग के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। राज्य सरकार द्वारा हरसंभव मदद कर इन वर्गों के बच्चों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

मंत्री श्री नेताम ने बैठक में कहा कि राज्य के छात्र-छात्राएं जो दिल्ली में स्थित युथ हॉस्टल में रहकर सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। उसके लिए सीटों की संख्या में वृद्धि करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाए, उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुरूप कोचिंग सेंटर के आसपास नई हॉस्टल बनाने पर भी कार्ययोजना तैयार किया जाए। उन्होंने बिलासपुर में सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के लिए भी केन्द्र खोलने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री श्री नेताम ने राज्य के संरक्षित जनजातियां बैगा, कमार, बिरहोर, पहाड़ी कोरवा, पण्डो, अबूझमाड़ के विकास के लिए भी ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के वन अधिकार पत्रों  के संबंध में शिकायतें मिल रही है। सभी पात्र लोगों को वन अधिकार पत्र मिले, इसके लिए नियम प्रक्रियाओं की जानकारी संबंधित ब्रोशर और पॉम्पलेट, जिला स्तर, ब्लॉक स्तर और ग्राम पंचायत स्तर पर वितरण व चस्पा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस मौके पर रिसर्च सेंटर परिसर में तैयार हो रहे ‘‘द म्यूजियम मेमोरियम‘‘ कैम्पस का पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवलोकन किया।

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