किसानो को समय पर खाद उपलब्ध ना करा पाना भुपेश सरकार की घोर लापरवाही तथा संवेदनहीनता – जितेंद्र वर्मा

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दुर्ग । राज्य की भूपेश सरकार के लचर अव्यवस्था का खामियाजा प्रदेश के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार खुद को किसानों का हितैषी बताने से कभी नही चूकती लेकिन वास्तविकता यह है कि अन्नदाता परेशान हैं।वर्मी कंपोस्ट के नाम पर किसानों को गोबर और मिट्टी को जबरदस्ती दस रुपए किलो में दे रहे हैं।किसान जबसेवा सहकारी समितियों में रासायनिक खाद खरीदने जा रहे हैं तो उनके इच्छा के विपरीत जबरदस्ती एकड पीछे गोबर खाद को ₹10 किलो के हिसाब से खरीदना पड़ेगा करके दे रहे हैं ।वर्मी कंपोस्ट बनने के लिए एक लंबा प्रक्रियाऔर समय होता है और उसके लिए केंचुए जब खा कर के पर्याप्त समय मे गोबर, मिट्टी और अन्य चीजों को वर्मी खाद में बदलते है।गावो में किसान इस काम को पूरे एक साल में बनाते है।किसानों को खाद उपलब्ध कराने में प्रदेश की भूपेश सरकार असफल हो गई है जिसका खामियाजा प्रदेश के श्रमवीर किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पाटन ब्लॉक के कई ग्रामों की प्राथमिक साख सहकारी समितियो का मुयायना किया गया तो उपस्थित किसानों ने अपनी व्यथा बताई तो यह बात खुलकर सामने आई कि किसानों को समय पर खाद नही मिल पा रहा है। इसी प्रकार दुर्ग जिले और समूचे छत्तीसगढ़ में खाद के विकराल समस्या है।उपरोक्त बातें छत्तीसगढ़ विधायक दल के स्थाई सचिव जितेंद्र वर्मा ने प्रेस को जारी बयान में कहा। श्री वर्मा ने आगे कहा कि किसानों से मिलकर उनकी समस्याओ को जानने के बाद यह बात सामने आई कि खाद के अभाव में मेहनती किसान फसल लेने में पिछड़ते जा रहे है।
प्रदेश के अन्नदाता परेशान

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छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह से अव्यवस्थित व असफल है। अगर सोसाइटियों से खाद गायब है तो छत्तीसगढ़ के धान के कटोरे से भी धान का गायब होना स्वाभाविक है। जिस छत्तीसगढ़ को भारत का धान का कटोरा कहा जाता है के किसानों की स्थिति दयनीय है।प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति धान पर ही निर्भर है उस राज्य में किसानों को समय पर खाद नही मिल पा रहा है जिससे किसानों की स्थिति चरमरा गई है। किसानों के जीवन यापन का एक मात्र विकल्प खेती है समय पर खाद उपलब्ध ना करा पाना भूपेश सरकार की लापरवाहपूर्ण व्यवस्था और संवेदनहीनता को दर्शाता है। खाद की आपूर्ति को लेकर किसानों के सामने यह सरकार पूरी तरह से विफल नजर आ रही है, जिससे प्रदेश भर के किसानों के भीतर आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रदेश भर की सोसायटियों में खाद नहीं मिलने तथा बाहर बड़े व्यपारियों से महंगे दामों में किसानों के खाद खरीदी को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में हाहाकार मचा हुआ है किंतु यह सरकार कुम्भकर्णी नींद में सोई हुई है।

जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर समय रहते भूपेश सरकार के द्वारा अगर आवश्यक पहल की गई होती तो ऐसी परिस्थितियाँ निर्मित नहीं होती। यह बात जग-जाहिर है कि हर वर्ष प्रदेश में खेती किसानी के लिए खाद एक आवश्यक चीज है बावजूद इसके छत्तीसगढ़ का किसान खाद के लिए दर दर भटक रहा है। इससे पूर्व में जब छत्तीसगढ़ में पन्द्रह वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी। तब किसानों को पर्याप्त सुविधाएं मुहैया हो रही थी और इस तरह के हालत कभी भी देखने को नहीं मिले। किसानों के द्वारा खेतों में थरहा तो लगा दिया गया है लेकिन अब खाद की उपलब्धता ना हो पाने से किसान भयभीत है।


       
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