राजीव गांधी न्याय योजना में पंजीयन के आड़ में रकबा काटने की साजिश फेल

किसान मोर्चा ने बताया इसे किसानों की जीत
भिलाई। भाजपा किसान मोर्चा के भिलाई जिलाध्यक्ष निश्चय वाजपेयी ने विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि धान उगाने वाले किसान अब पिछले पंजीयन के आधार पर ही धान बेच सकेंगे। उन्हें नए सिरे से पंजीयन कराने की जरूरत नही है। वाजपेयी ने इसे किसानों की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि प्रदेश की भूपेश सरकार नए सिरे से पंजीयन कराने की आड़ मे बहुत से किसानों का रकबा काटना चाहती थी। भाजपा किसान मोर्चा के जबरदस्त विरोध और धरना प्रदर्शन के दबाव में प्रदेश सरकार को इस किसान विरोधी अभियान से पांव वापस खीचने पर मजबूर होना पड़ा है। राज्य शासन ने धान बेचने वाले किसानों के लिये राजीव गांधी न्याय योजना के तहत पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। वाजपेयी ने रासायनिक खाद में हो रही कालाबाजारी के लिये भूपेश सरकार को दोषी बताते हुए चेतावनी दी है कि वो गरीब किसानों की हाय लेने से बाज आए वरना किसानों का आंदोलन उग्र रूप ले लेगा।
गौरतलब है कि सोसयटियों में डीएपी, यूरिया और सुपर की किल्लत पैदा करके राज्य सरकार निजी दुकानों को खाद बेच रही है। वाजपेयी ने बताया कि ये वैसा ही है जैसा कि पिछले साल बोरी के मामले में किया गया था। सोसायटी में किल्लत पैदा की जाती है और किसान को बाजार से अनाप-शनाप दाम में खरीदने के लिये मजबूर किया जाता है। भाजपा किसान मोर्चा इसे बर्दाश्त नही करेगा। साथ ही उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट की जबरिया बिक्री पर भी गहरी नाराजगी जताते हुए इसकी राशि माफ करने की मांग की है । वाजपेयी का कहना है कि यह गेंगरवा(केंचुआ) खाद हर किसान के खेत में मुफ्त बनती है। इसे किसानों से जबरिया वसूली का जरिया बनाया गया है। यह भूपेश सरकार की किसान विरोधी और मालगुजारी सोच की परिचायक है। चूंकि सरकार के नुमाइंदों ने किसानों को रासायनिक खाद के नाम पर ब्लैकमेल करके गोबर बेचा है अतः इसे मुफ्त किया जाए। भाजपा किसान मोर्चा ने प्रदेश सरकार को आगाह किया है कि वो मनमानी करने से बाज आए और तत्काल प्रभाव से किसान विरोधी अभियानों को बंद करे वरना मोर्चा सरकार की ईंट से ईंट बजा देगा।








