गुंडा बदमाश को किया जिला बदर, एक वर्ष की अवधि तक बाहर रहने के आदेश

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दुर्ग // कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह ने गुंडा बदमाश मनीष मांडले के आपराधिक आचरण एवं गतिविधियों पर नियंत्रण किए जाने तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 के अंतर्गत जिलाबदर की सख्त कार्यवाही की है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह द्वारा जारी आदेशानुसार अनावेदक मनीष मांडले पिता यशवंत मांडले, निवासी नागदेवता चौक नगपुरा चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग (छ.ग.) को राजस्व जिला दुर्ग एवं उसके सीमावर्ती जिलों रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बालोद एवं धमतरी जिलों की सीमाओं से आदेश पारित होने की तिथि से एक सप्ताह के भीतर बाहर चले जाने निर्देशित किया गया है। साथ ही बदमाश मनीष मांडले को आदेश पारित तिथि 24 सितम्बर 2026 से एक वर्ष की अवधि तक उक्त जिलों की सीमाओं में जिला दण्डाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना प्रवेश करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री सिंह द्वारा आदेश पारित करने के पूर्व प्रकरण में संलग्न वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के प्रतिवेदन, थाना पुलगांव से प्राप्त नकल जरामय तथा संलग्न सम्यक दस्तावेजों, अनावेदक के प्रस्तुत जवाब, अभियोजन साक्ष्यों के अभिलिखित कथन का अवलोकन एवं परिशीलन किया गया है। प्रस्तुत प्रतिवेदन और नकल जरामय के अवलोकन में पाया गया कि अनावेदक के विरूद्ध वर्ष 2013 से वर्तमान वर्ष तक 07 अपराध भा.द.वि. तथा बीएनएस एवं 01 अपराध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज है।

जो वयस्क व्यक्तियों के साथ मारपीट, नाबालिक के मारपीट, महिला के साथ छेड़छाड़ व मारपीट, अवैध शराब आदि से संबंधित है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अनावेदक आदतन अपराधी है। अनावेदक के ऊपर नियंत्रण निगरानी रखे जाने हेतु उसे थाना के गुंडा बदमाश सूची में शामिल किया गया है। उक्त अवधि में अनावेदक के विरूद्ध अब तक 13 बार इश्तगाता भी एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। इतना ही नहीं अनावेदक को पूर्व में जिला दंडाधिकारी दुर्ग द्वारा वर्ष 2018 में जिला बदर भी किया गया था। परन्तु इतनी प्रतिबंधात्मक एवं अभियोजन कार्यवाही के उपरान्त भी अनावेदक की आदतों में सुधार नहीं हुआ है।

आवेदक के व्यवहार से सामान्य नागरिक इनके विरूद्ध रिपोर्ट करने एवं न्यायालय में साक्ष्य देने से घबराते हैं। अतएव क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए अनावेदक के स्वतंत्र विचरण तथा अपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा 24 सितम्बर 2026 को यह आदेश पारित कर बदमाश मनीष मांडले के विरूद्ध एक वर्ष की अवधि के लिए जिला बदर की सख्त कार्यवाही की गई है।  

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