राजनांदगांव । धान खरीदी केंद्र अर्जुनी सोसाइटी में बेमौसम बारिश से खरीदी बंद होने के साथ-साथ करोड़ों रुपये के धान खुले में रहने की वजह से भीग कर करोड़ों रुपए का धान बर्बाद गए हैं, जिसके चलते खरीदी केंद्र को बंद किया गया है, अभी हाल ही में सोसाइटी में 16 हजार क्विंटल धान जाम है, जिसके वजह से किसानों को धान बेचने में परेशानी हो रहे हैं, जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष व पार्षद दल के प्रवक्ता शिव वर्मा ने 31 दिसंबर शुक्रवार को धान खरीदी केंद्र अर्जुनी सोसाइटी का निरीक्षण करने पहुंचा जिस पर उन्होंने कहा कि धान खुले में रहने की वजह से पूरी तरह भीग चुका है, साथ ही साथ सोसायटी में गड्ढे होने की वजह से पानी भरा हुआ है, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा सोसायटीओं में सुरक्षा के दृष्टिकोण को देखते हुए व्यापक व्यवस्था करने में असमर्थ साबित हुआ है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है, छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की शुरुआत कांग्रेस सरकार के द्वारा सही समय में नही होने की वजह से किसानों को अनेक प्रकार की समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है, पिछले सरकार भाजपा में समय रहते धान खरीदी करते थे, जिससे किसान खुशहाल होने के साथ-साथ समय पर पैसा उन्हें मिल जाता था, लेकिन कांग्रेस के भूपेश बघेल सरकार में किसानों को अपनी मेहनत की कमाई धान बेचने के लिए सोसाइटीओ के चक्कर काटने के लिए मजबूर है, धान बेचने के बाद भी किसानों के खाते में पैसे 10 से 15 दिनों में पहुंच रहे हैं, जिसे लेकर किसानों ने भी नाराजगी जाहिर किया है, इसी प्रकार धान खरीदी केंद्र में किसान अनेक प्रकार की परेशानियों से गुजर रहा है, जिला प्रशासन जिले की सोसायटियों में खरीदे जा रहे धान का तेजी से उठाव नहीं कर रहा है, जिले के कई धान खरीदी केन्द्रों में भारी मात्रा में धान डंप होने से धान खरीदी केन्द्रों में संग्रहण केन्द्रों जैसा नजारा देखने मिल रहा है, रोजाना धान खरीदी जारी रहने के बीच धान का समुचित उठाव व परिवहन नहीं होने से सोसायटियों में लाखों क्विंटल धान जाम पड़ा है, उठाव नहीं होने से और बेमौसम बारिश से कई समितियों में खरीदी बंद कर दिया गया है, बेमौसम बारिश से समितियों में रखे धान की सुरक्षा हेतु पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण धान भीग चुका है, राज्य सरकार द्वारा इस माह की एक तारीख से समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी की शुरूआत की गई है, शुरूआती दौर में बारदाने की कमी को लेकर शिकायतें आती रहीं, धान की आवक तेज होने के साथ ही सोसायटियों में खरीदे गए धान को रखने और रोजाना किसानों से धान खरीदी करने के लिए जगह की कमी होने लगी है।
वर्मा ने निरीक्षण करने के दौरान आगे कहा कि किसानों को हो रही परेशानियों के बीच धान खरीदी केंद्र अर्जुनी सोसाइटी के प्रबंधक से भी बात किया गया जिस पर समिति प्रबंधक लिखन लाल सोनकर ने बताया कि धान खरीदी केंद्र अर्जुनी सोसाइटी में कुल 8 गांव और पंजीकृत किसानों की संख्या 1481 है, इस सोसाइटी में किसानों को सारी सुविधाएं दी जा रही है, साथ ही साथ खरीदी केंद्र में टोकन के माध्यम से खरीदी की जा रही है, किसानों को बैठने के लिए व पानी पीने के लिए समुचित व्यवस्था खरीदी केंद्र पर किया गया है, प्रतिदिन हमारे द्वारा खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया जाता है, साथ ही साथ किसानों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है, खरीदी केंद्र से धान का उठाव नियमित रूप से हो रहा है, पिछले 3 दिनों से हो रही बेमौसम बारिश के चलते तिरपाल से धान ढका गया, और सुरक्षित रखा गया है, बेमौसम बारिश के वजह से सोसाइटी को बंद किया गया है, लेकिन सोमवार से पुनः खरीदी की जाएगी।






