स्वतन्त्रता दिवस , बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है : पीएम मोदी

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नई दिल्ली। देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पहले पीएम मोदी ने राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की समाध राजघाट पर जाकर पुष्प अर्पित किये। वहीं इसके बाद जब पीएम लाल किला पहुंचे, तो वहां देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया। बता दें कि पीएम मोदी द्वारा लाल किले पर तिरंगा फहराने पर पुष्प वर्षा हुई जोकि पहली बार है। बता दें कि लाल किले पर टोक्यो ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले एथलीट नीरज चोपड़ा के साथ कई अन्य खिलाड़ी भी इस कार्यक्रम में मौजूद हैं। वहीं इससे पहले पीएम मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट में देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि, “आप सभी को 75वें स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत बधाई। आजादी के अमृत महोत्सव का यह वर्ष देशवासियों में नई ऊर्जा और नवचेतना का संचार करे। जय हिंद!”

जम्मू कश्मीर और लद्दाख को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना, यही लोकतंत्र की असली भावना है। जम्मू हो या कश्मीर, विकास का संतुलन अब ज़मीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। जम्मू कश्मीर में डी-लिमिटेशन कमीशन का गठन हो चुका है और भविष्य में विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयारी चल रही है। लद्दाख भी विकास की अपनी असीम संभावनाओं की तरफ आगे बढ़ चला है। एक तरफ लद्दाख, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होते देख रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ‘सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी’ लद्दाख को उच्च शिक्षा का केंद्र भी बनाने जा रही है।

नॉर्थ ईस्ट पर सरकार की पॉलिसी को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, हमारा पूर्वी भारत, नॉर्थ ईस्ट, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख सहित पूरा हिमालय का क्षेत्र हो, हमारी कोस्टल बेल्ट या फिर आदिवासी अंचल हो, ये भविष्य में भारत के विकास का बड़ा आधार बनेंगे। आज नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी का नया इतिहास लिखा जा रहा है। ये कनेक्टिविटी दिलों की भी है और इंफ्रास्ट्रक्चर की भी है। बहुत जल्द नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों की राजधानियों को रेलसेवा से जोड़ने का काम पूरा होने वाला है।

पीएम मोदी ने कहा कि, पहले सरकार का लक्ष्य शत प्रतिशत घरों में शौचालयों के निर्माण करवाना था, अगले लक्ष्यों को कुछ ही वर्षों में पूरा करना है। अब हर घर जल मिशन के लिए तेजी से काम हो रहा है। सिर्फ दो साल में साढ़े चार करोड़ से ज्यादा परिवारों को नल से जल मिलना शुरू हो चुका है।

उन्होंने कहा कि, यह अमृत महोत्सव गौरव कल की ओर ले जाएगा। मोदी बोले, ‘अमृतकाल 25 वर्ष का है। लेकिन इतना लंबा इंतजार नहीं करना है। इसके लिए अभी से जुट जाना है। यही समय है, हमें खुद को बदलना होगा। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और अब सबका प्रयास, लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत जरूरी है।’

कोरोना काल का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, सोचिए भारत के पास अगर अपनी वैक्सीन नहीं होती तो क्या स्थिति होती, पोलियो की वैक्सीन भारत को मिलने में कितना वक्त लग गया था। लेकिन आज हमें गर्व है कि सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत में चल रहा है। 54 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगवा चुके हैं। कोविन जैसी ऑनलाइन व्यवस्था, डिजिटल सर्टिफिकेट की व्यवस्था सबको आकर्षित कर रहा। भारत में जिस तरह 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देकर गरीब का चूल्हा जलते रखा है, वह काफी बड़ी बात है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश के बंटवारे का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘वह दर्द सीने को छलनी करता है।’ उन्होंने कहा कि, हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा।

लाल किले से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आजादी के दौरान शहीद हुए महापुरुषों को याद किया। इसके अलावा उन्होंने देश का मान बढ़ाने वाले लाल किले पर मौजूद ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए तालियां बजवाकर सम्मान किया।

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