दिल्ली // देश में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। देश की वर्तमान स्थापित उत्पादन क्षमता (फरवरी, 2026 तक) 524 गीगावाट है। भारत ने अप्रैल, 2014 से 299.87 गीगावाट की नई उत्पादन क्षमता जोड़कर बिजली की कमी की गंभीर समस्या का समाधान किया है, जिससे अब भारत बिजली की कमी वाले देश की जगह पर्याप्त बिजली वाला देश बन गया है।
अधिक मांग वाले गर्मियों के महीनों के दौरान, गैस-आधारित बिजली का योगदान (गैर-सौर घंटों में) लगभग 10 गीगावाट रहता है। वर्तमान में, मध्य पूर्व संकट के कारण ‘प्राकृतिक गैस’ की उपलब्धता और कीमतों में उतार-चढ़ाव के संबंध में चुनौतियां बनी हुई हैं। हालांकि, बिजली उत्पादक कंपनियां वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी कर रही हैं।
मध्य-पूर्व संकट के बावजूद, यह प्रणाली गर्मियों की मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है; इसके लिए अन्य वैकल्पिक स्रोत—जैसे कोयला-आधारित उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण प्रणाली—गैस-आधारित उत्पादन में आई कमी की भरपाई करेंगे। आगामी गर्मियों (अप्रैल से जून, 2026) के दौरान बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:
- विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 11 के तहत 1 अप्रैल 2026 से टाटा पावर के 4,000 मेगावाट क्षमता वाले कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड पावर प्लांट का संचालन शुरू करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इससे पांच राज्यों, अर्थात गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब को अधिक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
- निर्माणाधीन पावर प्लांट्स (थर्मल और हाइड्रो) की प्रगति की बारीकी से निगरानी की जा रही है, जिन्हें जून 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
- नवीकरणीय ऊर्जा प्लांट्स, विशेष रूप से पवन ऊर्जा प्लांट्स और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को चालू करने के लिए त्वरित मंज़ूरी दी जा रही है।
- पर्याप्त उत्पादन क्षमता उपलब्ध कराने के लिए थर्मल पावर प्लांट्स के नियोजित रखरखाव को टाला जा रहा है। इससे अप्रैल से जून 2026 के दौरान लगभग 10,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
- 22.03.2026 तक, देश के कोयला-आधारित संयंत्रों (पावर प्लांट्स) के पास उपलब्ध कोयले का स्टॉक लगभग 58.2 मिलियन टन है, जो 85% प्लांट लोड फैक्टर पर औसतन 19 दिनों तक संयंत्रों को चलाने के लिए पर्याप्त है। सभी बिजली उत्पादक कंपनियों को कोयले की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, कोल इंडिया लिमिटेड को संशोधित ‘शक्ति’ नीति 2025 के विंडो-I और विंडो-II के तहत नीलामी करने की सलाह दी गई है।
- पिछले 10 दिनों में घरेलू कोयले की औसत रैक लोडिंग बढ़कर 465 रैक प्रतिदिन हो गई है। कोल इंडिया लिमिटेड, सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड और कैप्टिव कोयला खदान मालिकों के साथ-साथ बिजली उत्पादक कंपनियों को घरेलू कोयले की रैक लोडिंग में और वृद्धि करने की सलाह दी गई है। इसकी नियमित रूप से कोयला मंत्रालय के तहत गठित उप-समूह द्वारा निगरानी की जा रही है।
- उद्योगों द्वारा कैप्टिव बिजली उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए विद्युत (संशोधन) नियम, 2026 (2005 के नियमों में संशोधन) अधिसूचित किए गए हैं।
- जल-आधारित (हाइड्रो) उत्पादन को इस तरह से निर्धारित किया जा रहा है ताकि अधिक मांग वाले समय के दौरान मांग को पूरा करने के लिए पानी बचाया जा सके।
- आईपीपी और केंद्रीय उत्पादन केंद्रों सहित सभी बिजली उत्पादक कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे नियोजित रखरखाव या आकस्मिक खराबी की अवधि को छोड़कर, दैनिक आधार पर पूर्ण उपलब्धता बनाए रखें और बिजली का उत्पादन करें।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 (जनवरी, 2026 तक) के दौरान जोड़ी गई थर्मल पावर क्षमता और मार्च, 2026 में चालू होने वाली अपेक्षित अतिरिक्त क्षमता का विवरण:
| क्र.सं. | परियोजना | राज्य | ज़िला | क्षेत्र | यूनिट सं. क्षमता. | क्षमता. (मेगावाट) | चालू होने की तिथि |
| चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान चालू की गई थर्मल पावर क्षमता (जनवरी, 2026 तक) | |||||||
| 1 | जेएसडब्ल्यू एनर्जी उत्कल लिमिटेड | ओडिशा | झारसुगुड़ा | प्राइवेट आईपीपी | 2 | 350 | 01.04.2025 |
| 2 | उत्तरी करणपुराटीपीपी | झारखंड | चतरा | सेंट्रल | 3 | 660 | 14.04.2025 |
| 3 | बाढ़ एसटीपीपी स्टेज- I | बिहार | पटना | सेंट्रल | 3 | 660 | 05.06.2025 |
| 4 | ओबरा सी एसटीपीपी | उत्तर प्रदेश | सोनभद्र | राज्य | 2 | 660 | 16.06.2025 |
| 5 | मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड चरण II | आंध्र प्रदेश | श्री पोट्टि श्रीरामुलु नेल्लोर | निजी आईपीपी | 3 | 350 | 05.07.2025 |
| 6 | यदाद्री टीपीएस | तेलंगाना | नलगोंडा | राज्य | 1 | 800 | 12.07.2025 |
| 7 | वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ टीपीपी | छत्तीसगढ़ | रायगढ़ | निजी आईपीपी | 1 | 600 | 19.07.2025 |
| 8 | मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड चरण II | आंध्र प्रदेश | श्री पोट्टि श्रीरामुलु नेल्लोर | निजी आईपीपी | 4 | 350 | 21.08.2025 |
| 9 | खुर्जा एसटीपीपी | उत्तर प्रदेश बुलन्दशहर सेंट्रल | बुलन्दशहर | सेंट्रल | 2 | 660 | 22.09.2025 |
| 10 | पतरातू टीपीएस | झारखंड | रामगढ़ | सेंट्रल | 1 | 800 | 16.10.2025 |
| 11 | बक्सरटीपीपी | बिहार | बक्सर | सेंट्रल | 1 | 660 | 05.11.2025 |
| 12 | घाटमपुर टीपीपी | उत्तर प्रदेश | कानपुर नगर | सेंट्रल | 2 | 660 | 23.11.2025 |
| 13 | यदाद्री टीपीएस | तेलंगाना | नलगोंडा | राज्य | 4 | 800 | 08.01.2026 |
| 14 | उत्तरी चेन्नई टीपीपी, चरण-III | तमिलनाडु | तिरुवल्लूर | राज्य | 6 | 800 | 24.01.2026 |
| कुल | 8,810 | ||||||
| थर्मल क्षमता के जनवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच चालू होने की उम्मीद है। | |||||||
| क्रसं. | परियोजना | राज्य | ज़िला | क्षेत्र | यूनिट सं. | क्षमता (मेगावाट) | चालू होने की तिथि |
| 1 | सागरदिघी टीपीपी,चरण-III | प. बंगाल | मुर्शिदाबाद | राज्य | 5 | 660 | March, 2026 |
| Total | 660 | ||||||
यह जानकारी विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपद नाइक ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।







