दुर्ग // स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देशन में शिक्षा विभाग के लिए नई भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2026 लागू करने पर राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार और प्रसन्नता व्यक्त किया क्योंकि 2008 के उपयुक्त नियम को रद्द कर शिक्षकों के लिए घोर विसंगतिपूर्ण और भ्रामक पदोन्नति नियम 2019 बनाया गया था l
जिससे नियमित व्याख्याताओं और वरिष्ठ प्रधान पाठकों की वरिष्ठता को दरकिनार करने से घोर निराशा व्याप्त थी विसंगतियों पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने 2020 से लगातार कई अभ्यावेदन दिए गए जिस पर कोई विचार नहीं किया गया विवश होकर शिक्षकों को उच्च न्यायालय में सैकड़ों याचिकाएं दायर करनी पड़ी 2023 में फिर जुलाई 2025 में नियमित व्याख्याताओं और वरिष्ठ प्रधान पाठकों के पक्ष में निर्णय आने के बाद भी उच्च अधिकारियों और तथाकथित शिक्षक नेताओं की मिलीभगत से न्यायालय के निर्णय की मनमानी व्याख्या कर वरिष्ठों के हितों पर कुठाराघात किया गया था l
उक्त भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2019 में पदोन्नति में केडर के अंदर फीडर केडर तथा शिक्षक /शिक्षक एल बी, व्याख्याता /व्याख्याता एल बी, प्रधान पाठक /प्रधान पाठक एल बी को चार अलग अलग वरिष्ठता सूची में बांट कर सीनियर को नजरंदाज करके जूनियरों को पदोन्नति का अधिक अवसर प्रदान किया गया था जिसे नई भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2026 में निरस्त कर एक ही वरिष्ठता सूची से व्याख्याता/प्रधान पाठकों की पदोन्नति करने का प्रावधान लाया गया जब शिक्षा कर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलयन हो गया तो उन्हें लोकल बाडी (एलबी) का तमगा लगाने की जरूरत नहीं थी उन्हें भी सहायक शिक्षक ,शिक्षक, व्याख्याता ,प्रधान पाठक का पदनाम देना चाहिए था l
इस नए नियम से मिला इसके साथ ही अब नियमित शिक्षक और शिक्षक एल बी के घोर आपत्तिजनक भेद को समाप्त कर व्याख्याता/ प्रधान पाठक के रूप में एक साथ भर्ती तथा पदोन्नति के लिए गणना की जाएगी इससे सीनियर और जूनियर का विवाद समाप्त होगा क्योंकि तीन माह पूर्व हुए पदोन्नति में 5 वर्ष के व्याख्याता एल बी और जूनियर प्रधान पाठक प्राचार्य बन गए वही 15 — 20 वर्षों के वरिष्ठ प्रधान पाठक और प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्य कर चुके व्याख्याता जूनियरों के मातहत हो गए इस पीड़ा और अपमानजनक स्थिति से वरिष्ठ शिक्षकों को राहत मिलेगी उपरोक्त विसंगतियों को पिछले छह वर्षो से एकमात्र राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ ही शिक्षकों के हितों की अनदेखी पर शासन के मंत्रियों तथा प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक आवेदन निवेदन तथा पत्राचार कर प्रभावीढंग से उठाते रहे अंततः वरिष्ठता और शिक्षकों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए l शिक्षा मंत्री श्री यादव के निर्देशन में नई भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2026 लागू हुआ जो स्वागत योग्य है l
शिक्षकों के उपरोक्त मुद्दों को शासन प्रशासन के समक्ष रखने में राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी चेलक, संगठन महामंत्री बोधराम निषाद, शिक्षा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष ज्ञान सिंह राजपूत, जिला के प्रतिनिधियों में शांति लाल चंद्राकर, गोपाल ध्रुव, बीरेंद्र यदु, प्रकाश बघेल, गोरेलाल साहू, दीनानाथ सारवा, रूपेंद्र चंद्राकर का महत्वपूर्ण सहभागिता रही l






