भिलाई // धान खरीदी की चौथी क़िस्त में 40 प्रतिशत राशि कटौती के विरोध में भाजपा किसान मोर्चा भिलाई ने प्रियदर्शिनी परिसर मार्ग पर सड़क के किनारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुतला दहन किया । मोर्चा का कहना है कि खैरागढ़ चुनाव का फंड जुटाने के लिए भूपेश बघेल ने किसानों की जेब काटी है। खाद की कालाबाजारी और किल्लत से किसान पहले ही परेशान हैं। ऊपर से सोसयटियों मे गोबर खाद को जबरदस्ती बेचा जा रहा है। बारदाना का पैसा भी नही दिया जा रहा है। वहीं ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे मकानों मे भूपेश सरकार ने अड़ंगा लगा दिया है। लोग दो साल से अपना मकान तोड़कर बैठे हैं और उनकी छत छिन गई है। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर किसान मोर्चा भिलाई ने सुपेला मंडल अध्यक्ष प्रदीप साहू के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। मोर्चा ने भूपेश सरकार को चेतावनी देते हुए आगाह किया कि वो किसानों के साथ अन्याय करने से बाज आए अन्यथा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
गौरतलब है कि किसानों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने से किसान आकोशित हैं। खाद का जैसा संकट प्रदेश के किसान अभी झेल रहे हैं ऐसा पहले कभी नही हुआ। जबर्दस्ती बेची जा रही गोबर खाद का पैसा नकद में काटा जा रहा है। भूपेश सरकार निजी दुकानों से सांठ-गांठ करके रासायनिक खाद की कालाबाजारी करा रही है। वहीं धान बेचने के सवा साल बाद दी गई चौथी किश्त में किसानों के साथ कांग्रेस सरकार ने धोखा कर दिया है। भूपेश बघेल को जवाब देना चाहिए कि किसानों की जेब काटकर वो किसकी जेब भर रहे। किसान मोर्चा ने कांग्रेस सरकार से पूछा है कि किसानों पर चुनाव टैंक्स तो नही लगा दिया। आखिर उनको चौथी किश्त में कम पैसे क्यों दिये गए हैं। मोर्चा ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वो किसानों को न्याय दिलाने प्रतिबद्ध है। सोने की चिड़िया कहे जाने वाले देश जिसकी मुख्य धुरी किसान है,इस तरह का अन्याय बर्दास्त नही किया जाएगा। अब कोई किसान आत्महत्या ना करे। जिनकी मेहनत से हम सब के घरों में अनाज आता है, उनके घरों को खुशहाल रखने की जिम्मेदारी हमारी है।
इस प्रदर्शन में सुपेला मंडल महामंत्री अखिलेश वर्मा, कन्हाई साहनी, वर्षा मेश्राम, मनीष पिपरोल, विजय साहनी, विजय शर्मा, धनेश्वर साहू, सूरज पूंजी, सरिता गुप्ता, ईश्वर गुप्ता, रमेश देवांगन, अजय जोशी, दीपक भोंडेकर, अनिल सोनकर, धनेश्वर चौहान,अंकित यादव, अजित सिंह ,करण बंजारे सहित बड़ी संख्या मे किसान उपस्थित रहे






