18 से 20 नवंबर तक जामुल में चल रहा है आर एस एस का घोष शिविर
जामुल ।। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुर्ग विभाग का घोष शिविर 18 से 20 नवंबर तक सरस्वती शिशु मंदिर जामुल में संपन्न हो रहा है । आज घोष शिविर के उद्घाटन समारोह में दुर्ग विभाग के सहकार्यवाह भूषण लाल साहू एवं विभाग शारिरिक प्रमुख दिलेश्वर उमरे की उपस्थिति में मां भारती के तैल चित्र पर दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया इस अवसर पर दुर्ग बेमेतरा एवं कवर्धा जिले के स्वयंसेवक त्रिदिवसीय घोष शिविर में लगभग 80 की संख्या में उपस्थित है।
शिविर के विषय पर प्रकाश डालते हुए श्री साहू ने कहा कि मनुष्य के जीवन में अनुशासन का बड़ा महत्व है सीखने की कोई उम्र नहीं होती यहां हम सभी 3 दिनों तक घोष के विषय में अच्छी जानकारी प्राप्त करेंगे तथा अपने कार्य क्षेत्र में जाकर घोष केंद्र को मजबूत करेंगे ।
मन का विकास बहुत जल्दी होगा घोष का अर्थ नाद होता है । आवाज से नाद से चिकित्सा पद्धति भी विकसित है। शरीर मे पाँच कोष है । जिसमे तीसरा का मन का विकास होता हैं। जिसे हम यहाँ सिख रहे है महाभारत में पांचजन्य शंख भगवान श्री कृष्ण ने बजाया अर्जुन ने देवदत्त नामक संख बजाया प्राचीन समय में उत्साह एवं जागरण के लिए अनेक प्रकार के वाद यंत्र बजाए जाते थे।
इस दौरान नेतराम साहू, परमानंद यादव, नीलमणि मढरिया, अशोक साहू, सुबोध ताम्रकार, राजेश सिन्हा, जोगेश्वर मॉल सोनी, जितेन्द्र साहू






