दुर्ग // त्रिस्तरीय पंचायत व नगरीय निकायों के निर्वाचन में पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण को लेकर राज्य सरकार ओबीसी सर्वे करवा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश पर ओबीसी जातियों का सर्वे में सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति की जानकारी स्पष्ट होगी, वही सर्वे से ओबीसी समुदाय को प्रतिनिधित्व में भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी के आरक्षण और प्रतिनिधित्व को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सर्वे का काम शुरू हो चुका है।
राज्य सरकार की गठित छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की टीम सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति को आधार मानकर 7 बिंदुओं पर सर्वे कर रही है। त्रि-स्तरीय पंचायतों और नगरीय निकायों में ओबीसी प्रतिनिधित्व और आरक्षण से संबंधित है। सर्वे का काम जल्द से जल्द पूरा हो सके इसके लिए आयोग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को 20 सितम्बर तक ओबीसी सर्वेक्षण को पूरा करने का निर्देश जारी किया है।
सर्वेक्षण प्रपत्रों में की गई प्रविष्टि के आधार पर समस्त नगरीय निकायों की वार्डवार अंतरिम जानकारी संलग्न प्रपत्र में दिनांक 25.09.2024 तक आयोग को हार्ड कॉपी एवं साफ्ट कॉपी (ई-मेल आई.डी. egbewfe@gmail.com) में उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु अनुरोध हैं।






