डीजीपी डीएम अवस्थी ने भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के तीन अधिकारियों को उत्कृष्ट विवेचना हेतु मेडल दिये जाने पर सम्मानित किया

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रायपुर । डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के तीन अधिकारियों को उत्कृष्ट विवेचना हेतु मेडल दिये जाने पर सम्मानित किया। उन्होंने उप पुलिस अधीक्षक राजीव शर्मा, उप निरीक्षक इंदिरा वैष्णव और सहायक उप निरीक्षक इंदु शर्मा को सम्मानित करते हुये कहा कि आप तीनों को मेडल मिलना इस बात का परिचायक है कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस ने महिला विरूद्ध अपराधों पर पूरी संवेदनशीलता से काम किया है। आप तीनों के विवेचना के प्रकरण बहुत ही गरीब और समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं के विरुद्ध किये गये अपराध से संबंधित रहे। इन तीनों ही प्रकरणों में छत्तीसगढ़ पुलिस ने बहुत ही कम समय में विवेचना पूरी कर चालान पेश किया साथ ही न्यायालय के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाकर पीड़िताओं को न्याय भी दिलाया । उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से ये पहली बार है कि भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट विवेचना के लिये तीन पुलिस अधिकारियों को मेडल दिया जा रहा है। डीजीपी द्वारा उप पुलिस अधीक्षक राजीव शर्मा और सहायक उप निरीक्षक इंदु शर्मा को सुपर इंवेस्टीगेटर सम्मान भी दिया जा चुका है। डीजीपी अवस्थी ने उत्कृष्ट विवेचना करने पर तीनों अधिकारियों को 5-5 हजार रूपये के नगद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की।

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उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के तीन अधिकारियों को उत्कृष्ट विवेचना हेतु मेडल प्रदान करने की घोषणा की गयी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष-2021 के लिये छत्तीसगढ़ पुलिस के बेमेतरा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक श्री राजीव शर्मा, राजनांदगांव में पदस्थ उपनिरीक्षक श्रीमती इंदिरा वैष्णव और बस्तर में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक श्रीमती इंदु शर्मा को अलग-अलग प्रकरणों में उत्कृष्ट विवेचना करने पर पुरस्कृत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रति वर्ष उत्कृष्ट विवेचना करने पुलिस अधिकारियों को मेडल प्रदान किया जाता है।

इन प्रकरणों की उत्कृष्ट विवेचना पर मिला मेडल- राजीव शर्मा, एसडीओपी बेमेतरा- दिनांक 2 जून 2020 की रात ग्राम गर्रा में अज्ञात आरोपी द्वारा पीड़िता का अपहरण कर दुष्कर्म की रिपोर्ट पंजीबद्ध की गयी। विवेचना के दौरान आरोपी सूरज प्रजापति निवासी रायपुर को 21 जून 2020 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, 7 जुलाई को न्यायालय में चालान पेश किया गया। न्यायालय द्वारा 26 फरवरी 2021 को आरोपियों को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी।

इंदिरा वैष्णव, उप निरीक्षक, राजनांदगांव- दिनांक 13 जून 2019 को प्रार्थिया की नाबालिग बेटी और उनके देवर की नाबालिग बेटी गर्मी की छुट्टी में ननद के ग्राम गयी हुईं थीं। घर वापस आते समय दोनों नाबालिगों के साथ आरोपी अशोक देवांगन द्वारा दुष्कर्म किया गया, उक्त घटना का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गयी। आरोपी को 13 जून को ही गिरफ्तार कर लिया गया । इसके बाद 8 अगस्त को न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने पर 20 साल का सश्रम कारावास और अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

इन्दु शर्मा, सहायक उप निरीक्षक-बस्तर- बस्तर जिले के बोधघाट थाना में 4 वर्षीय अबोध बालिका के साथ लैंगिंक अपराध करने की रिपोर्ट पंजीबद्ध की गयी। पुलिस के द्वारा आरोपी मिथलेश पटेल को गिरफ्तार कर दिनांक 28 अक्टूबर 2020 को न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

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