भिलाई // विश्व संवाद केंद्र दुर्ग एवं स्टील सिटी प्रेस क्लब भिलाई के संयुक्त तत्वाधान में पत्रकार देवर्षि नारद जी की जयंती गुरुवार 26 मई को इंडियन कॉफ़ी हाउस भिलाई में मनाई गयी.इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में शशांक शर्मा वरिष्ठ पत्रकार व प्रान्त टोली सदस्य,प्रचार विभाग रा.स्व.सेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रान्त उपस्थित थे I कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेन्द्र सिंह कम्बो वरिष्ठ पत्रकार व पूर्व अध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग छ.ग़.शासन ने की.विशेष अतिथि के रूप में शिवनाथ शुक्ला ब्यूरो प्रमुख तरुण छत्तीसगढ़, विनोद चौबे संपादक ज्योतिष का सूर्य, डॉ.चंद्र्भूषण देवांगन जिला संघ चालक दुर्ग एवं आनंद ओझा अध्यक्ष स्टील सिटी प्रेस क्लब भिलाई उपस्थित थे.उपस्थित अतिथियों के परिचय के पश्चात् अतिथियों द्वारा देवर्षि नारद के तैल चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ.

मुख्य वक्ता शशांक शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारों में लोगों की भावनाओ को जानना व जाहिर करने का गुण होना चाहिए,लोगों में आमुख भावनाएं पैदा करने का गुण होना चाहिए व लोगों में दोष हो तो बेधड़क होकर उन्हें बताने का गुण होना चाहिए.ये गुण देवर्षि नारद में थे और इसी लिये पत्रकारों को देवर्षि नारद को आदर्श पुरुष के रूप में स्वीकार करना चाहिए उन्होंने कहा कि नारद जी की छवि को बिगाड़ने का काम फिल्मों ने किया है साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि हमें नारद जयंती को पत्रकार दिवस के रूप में मनना चाहिये I
सुरेन्द्र सिंह केम्बो ने कहा कि नारदजी का आशीर्वाद हम पत्रकारों पर है तभी तो हम आज यहाँ एकत्रित हो कर उनकी जयंती मना रहे है l नारदजी जिस तरह की सार्थक पत्रकारिता करते थे उसको अपना कर हम समाज व राष्ट्र का भला कर सकते है.
पंडित विनोद चौबे ने अपने विचार ब्यक्त करते हुये कहा कि नारद जी बहुत विद्वान् ब्यक्ति थे उन्होंने नारद स्मृति एवं नारद्पंचरात्र आदि जैसे ग्रंथो की रचना की.वे ज्योतिष शास्त्र के प्रकांड ज्ञाता थे नारद पुराण में 750 श्लोक ज्योतिष शास्त्र से संबंधित मिलते है.लड़ाई झगडा करवाने वाले व्यक्ति एवं विदूषक के रूप में गढ़ी गयी उनकी छवि गलत है I
शिवनाथ शुक्ला ने अपने विचार ब्यक्त करते हुये कहा कि पत्रकार को विद्वान् नारदजी जैसा संवेदनशील होना चाहिए जिस तरह नारद जी समाज के निचले तबके तक के लोगों की बात चाहें वो देवता हो या राक्षस हो विष्णु भगवन के पास तक पहुंचाते थे और उनकी समस्याओ का निदान करवाते थे I हमें भी नारद जी की आदर्शवादी बातो को अपने जीवन में उतरना चाहिए व हमें अपनी लेखनी को सार्थक बनाते हुये समाज को संस्कारवान,आदर्शवादी व कर्मशील बनाने में योगदान देना चाहिए.
डॉक्टर चन्द्र भूषण देवांगन ने कहा कि राष्ट्रविरोधी तत्वों ने हमारी गर्वीली संस्कृतिक विरासत को विकृत करने के लिये भिन्न भिन्न हथकंडे अपनाये.इन्ही तत्वों ने आद्य पत्रकार देवर्षि नारद को कलह करवाने वाला विदूषक बता दिया जो कि गलत है I जबकि नारदजी तीनो लोक में लोगों की भलाई के कार्य में लगे रहते थे विद्वान् पुरुष थे उन्होंने कहा कि पत्रकारों को ऐसे तत्वों द्वारा फैलाई गयी गलत बातो से लोगों को सचेत करने का कार्य करना चाहिए.
आनंद ओझा ने अपने विचार ब्यक्त करते हुये कहा कि अब समय बदल रहा है हम नारदजी को आदर्श मानते हुये ऐसी पत्रकारिता करेंगे जो हमारे समाज व राष्ट्रहित में होगी.
कार्यक्रम का संचालन दिनेश पुरवार द्वारा किया गया व आभार प्रदर्शन पंडित विनोद चौबे द्वारा किया गया.
इस अवसर पर अनिल साखरे, रमेश भगत, मोहन साहु, डी.के.साहु, निश्चय बाचपेयी, नितेश सिंह, सुनील पटेल, नीलमणी मढ़रिया, सुरेन्द्र सिंह विराट, नरेश कुमार विश्वकर्मा, हरप्रीत भाटिया, शमशीर शिवानी, विमल थापा, अतुल शर्मा, श्रीमती मंजीत कौर, निकश साहू, पवन निषाद, रामजी साहु, किशोर कुमार जैन, इन्द्रभान पाटिल, लोकेश्वर सिंह ठाकुर, रवि सेन, जितेन्द्र साहु, राजा स्वर्णकार, कुलदीप यादव, सुरेन्द्र साहु, नवीन दिल्लीवर, एस.सोलोमन, हरि वर्मा आदि सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित थे.






