एसीसी कालोनी गेट खोलवाने हेतु श्री राम जन्म उत्सव समिति जामुल प्रखंड ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

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जामुल //जामुल नगर पालिका में एसीसी कॉलोनी परिसर में स्थित हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए पहले विद्यालय जाने हेतु पूर्व में 3 दिशाओं में तीन द्वार अर्थात गेट हुआ करते थे l जो कोविड-19 काल में बंद कर दिया गया था एसीसी कॉलोनी वासियों के हित में। ए सी सी मेनेजमेंट ने कालोनी वासियों की सुरक्षा देखते हुए बंद करा दिया था l

किंतु अब वह स्कूल 1 साल से उपर हो गया प्रारम्भ हुए लेकिन अभी तक इनमें से कोई भी गेट से बच्चों के लिय नही खोला गया है l जो एसीसी का एक मेन गेट है जो आंशिक रूप से चालू है जहां से बच्चों की साइकिल का आना जाना नहीं हो पाता क्योंकि वह फैक्ट्री के एकदम सामने है जिसमे दो पहिया वाहन एवं चार पहिया वाहन आवागमन होती है जिससे बच्चों के माता पिता डर रहता है की बच्चो के साथ दुर्घटना न हो जाये l

पूर्व में एक गेट पूर्ण रूप से जो राम मंदिर जामुल के पास स्थित है वह पूर्ण रुप से बंद कर दिया गया है जामुल नगर में रहने वाले विद्यार्थियों को इस वजह से लगभग 2 से 3 किलोमीटर अतिरिक्त यात्रा यात्रा करनी पड़ रही है इन छात्रों की आयु 4 से 18 वर्ष तक के बीच की है। छोटे बच्चों को स्कूल छोड़ना और वापस ले जाने में अभिभावकों को अपना काम-धाम छोड़ कर जाना पड़ता है एवं विद्यार्थियों का दिन में एक से डेढ़ घंटा अतिरिक्त समय अपव्यय होता है वह अलग समस्या है सबसे बड़ी दुविधा यह है कि जिस मार्ग में विद्यार्थी आना-जाना कर रहे हैं वह हमेशा चालू रहता है जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की संभावना हमेशा बनी रहती है। वही एसीसी मेनेजमेंट हाथ पे हाथ धरी बैठें हुई है l

जामुल के बच्चो को के साथ किसी भी प्रकार कोई दुर्घटना न हो जाये इसलिय श्री राम जन्म उत्सव समिति जामुल के प्रखंड अध्यक्ष एवं युवा नेता यशवंत राजपूत के नेतृत्व में ज्ञापन कलेक्टर महोदय को सौंपा गया जिसमें पूर्व में संचालित द्वार पुनः संचालित करते हुए विद्यार्थियों को सुविधा हो इस हेतु एसीसी प्रबंधन जामुल को निर्देशित करने का आग्रह किया गया है। इस विषय का संज्ञान में आने की वजह यहां से एसीसी कॉलोनी में स्कूल से पढ़कर निकले एक विद्यार्थी राहुल राय रहे जिन्होंने अपनी शिक्षा यहां से प्राप्त की। अपने स्कूल से प्रबंधन से एवं छात्रों से लगाव होने के कारण उन्होंने बच्चों को पैदल लंबे मार्ग से आते जाते हुए देखा और कलेक्टर महोदय तक इस बात को ले जाने का निश्चय किया जिसमें अन्य साथियों जो उस स्कूल से पढ़कर निकले है वो जनहित का कार्य करने का संकल्प उठाया।

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