आए दिन हो रहा मुरुम का अवैध खनन, शासन को लगा रहे लाखों का चूना

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धमधा । धमधा से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत नंदवाय पंचायत के आश्रित ग्राम भरनी में अवैध मुरुम खनन धड़ल्ले से हो रहा है। इसकी जानकारी न तो सरपंच को है और न ही सचिव को है। ठेकेदार ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध खनन कर मुरुम परिवहन कर रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आलम यह है कि मुरुम वाली जगह में 5 से 7 फीट तक गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। खनन माफियाओं द्वारा आर्थिक हितों के फेर में कृषि भूमि को बेहतरीन ढंग से खोदकर बर्बाद किया जा रहा है और शासन को लाखों का चूना लगाया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार नंदवाय ग्राम पंचायत के आश्रित भरनी ग्राम गत दिनो से खनिज माफियाओं द्वारा मुरुम खनन का कार्य किया जा रहा है। इसकी जानकारी सरपंच तक को नहीं है। सूत्र बताते है की लगातार यहां एक जेसीबी और 4 हाइवा परिवहन में लगे हुए हैं। मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। जेसीबी मशीन से मुरुम खोदकर जमीन को खाई में तब्दील किया जा रहा है। खनिज का बेतहाशा दोहन किया जा रहा है। भूमि से कितना मुरूम निकालना है पंचायत प्रतिनिधि भी नहीं बता पा रहे हैं।

कभी भी हो सकती है अनहोनी

उल्लेखनीय है कि अब तक यहां लगभग 7 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा बन चुका है। कई ट्रीप मुरुम का परिवहन किया जा चुका है। ऐसे में जमीन खाई बन गई है। आशंका को लेकर ग्रामीण बेहद नाराज है। कृषि भूमि में भी मुरूम के अवैध खनन का मामला प्रकाश में आया था फिर भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अधिकारियों की निष्क्रियता हो रही उजागर

जानकारी के अनुसार अवैध खनन में शासकीय कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और सड़क ठेकेदारों की संलिप्तता देखी जा रही है। संबंधित खनिज विभाग के अधिकारियों के निष्क्रियता के परिणाम स्वरूप खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है। मामला ग्राम पंचायत नंदवाय आश्रित ग्राम भरनी सहित कई गांव में कृषि भूमि खनन कर सैकड़ों ट्रक मुरुम परिवहन करने का है।

जमीन को कर रहे है बर्बाद

धमधा के आस पास में अवैध खनन का आलम यह है कि खनन माफियाओं द्वारा कहीं पर भी शासकीय भूमि को खोद दिया जा रहा है, वही ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि भूमि को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। गौरतलब हो कि बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार आने वाले दिनों में कृषि भूमि में निस्तारी को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

जनप्रतिनिधि और ठेकेदारों की संलिप्तता

अवैध मुरूम खनन में सड़क ठेकेदारों के साथ ही साथ जनप्रतिनिधियों के नाम सामने आ रहे हैं। जहां संबंधितों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई करने की स्थिति में जनप्रतिनिधि और ठेकेदार अपने रसूख का इस्तेमाल कर कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाते हैं।

ग्रामीण और मवेशी हो सकते हैं चोटिल

ग्राम पंचायत नंदवाय आश्रित ग्राम भरनी के ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों के कई बार मौखिक रूप से मना करने के बावजूद खनन माफियाओं द्वारा कृषि भूमि को बेहतरीन ढंग से खोदकर मुरुम निकाला जा रहा है। गहरे गड्ढे में मवेशी और ग्रामीण गिरकर चोटिल होने की संभावना बनी हुई हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

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