नई दिल्ली: एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की कार पर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है और गोली चलाने वाले आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से ओवैसी का पीछा कर रहे थे और हमले को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की थी. इस बीच केंद्र सरकार ने खतरे को देखते हुए ओवैसी को जेड कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सचिन असदुद्दीन ओवैसी के लगभग हर स्पीच को फॉलो करता था. दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से ओवैसी का पीछा कर रहे थे और उनकी सभाओं में मौजूद रहते थे.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी और यह अचानक की गई वारदात नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ओवैसी की सभा में जाकर शायद हमले की ताक में रहते थे, लेकिन अब तक मौका नहीं मिल पाया था.
सचिन ने कुछ दिन पहले ही हथियार खरीदा था और अब पुलिस हथियार बेचने वाले की गिरफ्तारी की कोशिश में है. दोनों आरोपियों से पूछताछ करने वाले अधिकारी ने बताया की दोनों वैचारिक तौर पर बेहद कट्टर हैं, सनकी भी कह सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, आरोपियों का प्लान ये भी था कि फायरिंग करने के बाद भीड़ से बचने के लिए सीधा पुलिस स्टेशन चले जाएंगे.
सूत्रों के अनुसार, असदुद्दीन ओवैसी पर टोल प्लाजा के पास हुए हमले के बाद भारत सरकार ने उनकी सुरक्षा की समीक्षा की है और उन्हें तत्काल प्रभाव से सीआरपीएफ की जेड कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की है.(Zee news)








