मतदाता निर्भयता से अपने मताधिकार का प्रयोग कर एक साफ़-सुथरी शहर सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करें- बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि स्थानीय निकाय के चुनाव में शत-प्रतिशत मतदाता निर्भयता से अपने मताधिकार का प्रयोग कर एक साफ़-सुथरी शहर सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करें और वादाख़िलाफ़ी, छलावा और धोखाधड़ी करने वाली कांग्रेस को क़रारा सबक सिखाएँ। अग्रवाल ने कहा कि कल 20 दिसम्बर को प्रदेश के नगरनिगमों, नरगपालिकाओं व नगर पंचायतों के लिए होने जा रहा मतदान प्रदेश की जनता जनार्दन के लिए बदनीयती और कुनीतियों वाली कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति का संदेश देगा।
पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा की शहर क्षेत्र की सड़कें इस सरकार की जर्जर सोच को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा यह सरकार 3 वर्ष में नगरी निकाय क्षेत्र में विकास की कोई योजना बनाना तो दूर भाजपा शासनकाल में नगरी निकाय क्षेत्र में बनी सड़कों के जाल की मरम्मत तक नहीं कर पा रही है। आज जनता कांग्रेस के कुप्रबंधन के कारण धूल खाने को मजबूर है यह जनता इस चुनाव में मुख्यमंत्री को धुर्रा खिलाएगी।
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यह बात अच्छी तरह गाँठ बांध लें कि अगले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता कांग्रेस को पूरी तरह ख़ारिज करने के लिए तैयार बैठी है और नगरीय निकाय के हो रहे चुनाव में प्रदेश कांग्रेस और उसकी सरकार को इसका ट्रेलर दिख जाएगा। श्री बृजमोहन ने कहा कि पिछले विधानसभा और नगरीय निकाय चुनाव के समय किए गए वादों से मुकरने वाली कांग्रेस से प्रदेश के मतदाताओं का पूरी तरह मोहभंग हो चुका है। उन्होंने कहा सियासी नौटंकियाँ करके अन्य प्रदेशों में प्रदेश के ख़ज़ाने का पैसा लुटाने वाली कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को कंगाली के ऐसे मुहाने पर ला खड़ा किया है कि अभी कांग्रेस सरकार के पास निकायों के कर्मियों-अधिकारियों को तनख्वाह बाँटने तक का पैसा नहीं है! श्री अग्रवाल ने कहा कि अमृत मिशन योजना के तहत व्यवस्थित रूप से भिलाई, रिसाली बिरगांव में जनता को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने भाजपा शासनकाल में पाइप लाइन बिछाई गई पर कांग्रेस की मौज़ूदा सरकार लोगों साफ पानी तक मुहैया करा पाने नें नाकारा ही साबित हुई। प्रदेशभर में अनेको स्थान आज भी ऐसे हैं, जहाँ प्रदेश की कांग्रेस सरकार और कांग्रेस शासित नगरीय निकायों ने स्वच्छ जल देने का काम ही शुरू नहीं किया है।








