धमधा क्षेत्र में आईपीएल के साथ शुरू हुआ सट्टेबाजी का बड़ा कारोबार, पुलिस प्रशासन की नाकामी

शेयर करें

*रोजाना मैच में लग रहे लाखों-करोड़ो रुपये के दाव, आईपीएल शुरू होते ही सक्रिय हुए सट्टेबाज)

जानकारी के अनुसार नगर में प्रत्येक मैच में लगते है करोड़ो से ज्यादा के दाव,खाई लगाई के इस खेल में बुकी आबाद,युवा पीढ़ी बर्बाद*●

धमधा। धमधा थाना क्षेत्र में आईपीएल के दूसरे चरण की मैचों की शुरुआत शुरू होते ही नगर के छोटे बड़े सट्टेबाज सक्रिय हो चले है। लिहाजा क्षेत्र में सट्टा खिलाने एवं लिखने वालो का कारोबार काफी फल फूल रहा है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिर्फ धमधा नगर में ही प्रत्येक मैच में करोड़ो से ज्यादा का सट्टा लगता है। आंकड़े बताते है की सट्टे से शॉर्टकट से पैसे कमाने के मोह में फसकर कई घर परिवार बर्बाद तक हो चुके है। और लोगो को बड़े बड़े सपने दिखाकर लाखो रुपए का चूना लगा देते है। वही अगर बुकियों के खाते खंगाले जाए तो वह बहुत ही कम समय में फर्श से अर्श तक पहुंच गए है। फिलहाल नगर में जमकर ऑनलाइन सट्टा लग रहा है, और पुलिस प्रशासन है, की इन ऑनलाइन सट्टेबाजों पर कोई नकेल नहीं कस पा रही है । जिसका जमकर फायदा उठा रहे हैं। जबकि पुलिस प्रशासन का फर्ज है, की वह इन सट्टेबाजों के खिलाफ कार्यवाही करें, परंतु वह ऐसा नहीं कर रही है। जिसकी वजह से धमधा नगर सहित पूरे क्षेत्र में सट्टेबाजों का सबसे बड़ा गढ़ बन गया है, क्योंकि सट्टेबाजों को पता है कि धमधा में बड़ी आसानी से पुलिस प्रशासन का सहयोग मिल जाता है। जिसके चलते सट्टेबाज बड़ी आसानी से अपने सट्टे का व्यापार कर करोड़ो रुपए कमा लेते हैं, जबकि नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में 21 दिनों में करोड़ों का सट्टा लग चुका है, परंतु पुलिस है की कुंबजकर्णी नींद में सो रही है।

बदलते दौर के साथ साथ हाइटेक हुआ क्रिकेट का सट्टा
दरअसल आधुनिकता एवं टेक्नोलॉजी के इस युग में बदलते समय के साथ साथ सट्टे का कारोबार भी बदल चुका है । अब बुकी द्वारा अपने ग्राहक को ऑनलाइन आई डी की सुविधा दी जाती है जिसमे कही से भी अपने मोबाइल या कंप्यूटर में आईडी को खोलकर चल रहे मैच में दाव लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं इन आईडी में कसीनो की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है जिसमे घर बैठे ही आईडी में लॉगिन कर ऑनलाइन चल रहे ताश के पत्तों पर जुआ खेल सकते
है।

  • Related Posts

    महिलाओं ने प्लास्टिक कचरे को बनाया कमाई का जरिया,स्वच्छता के साथ आत्मनिर्भरता की मिसाल, 2730 किलो प्लास्टिक बेचकर अर्जित किए 46 हजार रुपए से अधिक
    • June 26, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंदुर्ग // दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत कोलिहापुरी ने यह साबित कर दिया है कि यदि सामुदायिक सहभागिता और सही प्रबंधन हो तो कचरा भी आय का सशक्त स्रोत…

    और पढ़ें
    जिले में 16 ’अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ की स्थापना के लिए 80 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति
    • June 26, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंदुर्ग // जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं सुलभ कराने की दिशा में राज्य शासन की गौण खनिज योजना के अंतर्गत एक बड़ी…

    और पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *