बेमेतरा // विशाल हिन्दू सम्मेलन केंद्र बीजाभाट मे आसपास के युवा, माता, भगिनी एवं वरिष्ठ नागरिक जन सैकड़ो कि संख्या मे उपस्थित हुए, मंच मे अध्यक्षता डॉ कली राम यदु ,विभाग कार्यवाह संजय पाण्डेय रहे मंचासीन मुख्य वक्ता नारायण नामदेव सह प्रान्त प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्य रूप से उपस्थित रहे l

श्री नामदेव ने अपनी उदबोधन मे भगवान राम के जन्म कहा हुई थी से शुरुवात कि सुनाओ भगवान राम के जन्म कहां हुई इस पर उपस्थित बालक बालिकाओं ने अयोध्या रामराज का रामायण लेकिन रामायण के चिंतन भी करना हम सबको करना चाहिए भगवान राम अपने पिता जी कि आज्ञा से सीधे वनवास जाना है निकल गए आज के समय मे यह बात की चर्चा घर में करना चाहिए कि राम के बारे में चर्चा करना चाहिए की राम के जीवन कैसे रही राम है कैसे राम के जीवन है कैसे रहे थे बेटा नहीं राम जैसे पिता नहीं राम कैसे पति नहीं है कोई दुनिया में चिंतन करना चाहिए घर में बहुत चाहिए तो सीता के जैसे होना चाहिए भगवान राम अपन घर में हिस्सा नहीं चाहिए अरे राम के राज में किसी प्रकार का कोई कष्ट किसी को नहीं था ऐसे हमारे घर में होना चाहिए रामायण केवल सुनना नहीं है रामायण सुनना है राम के बारे में अपन घर में चर्चा करना है राम के जैसे चरित्रवान हमारा बच्चा होना चाहिए राम के जैसे परिवार हमर होना चाहिए जैसे राम के घर में देवरानी-जेठानी मन में झगड़ा नहीं है।
संस्कार में ध्यान देना है विवेकानंद जैसे हो विवेकानंद के नाम वह विवेकानंद जब छोटे रहे तो वहां स्कूल में पढ़े लिखे के बाद में बड़े होकर क्या बनोगे बड़े हो कर कुछ बना है तो कोई डॉक्टर, कोई कलेक्टर लेकिन नरेंद्र ने सारथी (तांगा) बनना बताया तो और लोग हसने लगे घर आने पर नरेंद्र के मन थोड़ा उदास हो गए और वैसे मुझे चेहरा लेकर के घर में पहुंचे घर जाते तो अपन मन से पूछते की मां यह तो बात की तांगा वाले काम बहुत बेकार काम है भुवनेश्वरी देवी अभी बहुत अच्छा काम है वही बचपन के भाव नरेंद्र के मन में भर गए लेकिन भगवान कृष्ण भी सारथी रहे इस प्रकार नरेंद्र शिक्षा के कारण आज देश मे महान पुरुष रहे यह माता बन के शिक्षा के कारण संस्कार देना चाहिए और ऐसे महापुरुष के कारण हमला आज हम देश की परिवर्तन कबर करत हे बाबा के कहना है के हमन के संयुक्त परिवार भारत की ताकत रही लेकिन आज संयुक्त परिवार नहीं है आज एकल परिवार आगे हमारे दो हमारे हम और तुम कुछ नहीं लगाने वाला है यदि हम परिवार के नहीं समझ में परिवार ठीक से रखना है ठीक से समझ करके काम करना है और आपस में परिवार में आदमी का होना चाहिए।
प्लास्टिक के उपयोग नहीं करना है, डिस्पोजल के उपयोग नहीं करना है यह बीमारी डिस्पोजल के कारण हो जाते हैं सार्थक हो ऐसे सबको शुभकामनाएं भारत माता की जय। अमोरा मानस मडली द्वारा सुंदर कार्यक्रम प्रस्तुति रहा,पूर्व माध्यमिक शाला बीजाभाट के बालिकाओं द्वारा स्वागत वंदन प्रस्तुत किया गया है l
कार्यक्रम मे आसपास के ग्रामीण सहित प्रमुख रूप से बोधी राम निषाद, गंगाधर यादव, राजकुमार महंत, धनाजी लाल निषाद, मनोज यदु, डेरहा राम देवांगन, नीलेश कुमार तिवारी, प्रेमनाथ, राहुल, प्रनीश रजक, केशव साहू, अटल नामदेव, गिरधारी सिन्हा, सनत पटिल, तुलसी साहू, बल्लु, शिव वर्मा, धनी राम साहू, रामकुमार साहू विवेक दिवान रहे कार्यक्रम कि समापन भारत माता आरती पश्चात सम्पन्न हुई।






