वीन शिक्षा सत्र 2022-23 में संचालित संस्था विद्यालयों/छात्रावास एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में मानसून से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

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बेमेतरा  // जिले में 16 जून 2022 से नवीन शिक्षा सत्र 2022-23 संचालित हो रही है। कलेक्टर विलास भोसकर संदीपान ने एक पत्र जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग बेमेतरा को निर्देशित किए कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों/छात्रावास एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के छात्र-छात्राओं की सुरक्षा संबंधी तैयारी करना सुनिश्चित करें।जारी पत्र में कहा गया है कि शैक्षणिक संस्थाओं के मरम्मत का कार्य, छात्र-छात्राओं की बैठने की व्यवस्था, क्लासरूम की साफ-सफाई बनाये रखना एवं भवन के अंदर दरारें, गड्ढे को भर कर मरम्मत कार्य किया जाना सुनिश्चित करें। स्कूल के आसपास अनावश्यक छोटे-छोटे पेड़ पौधे, घांस, कुड़ा कचरा, अन्य शाला प्रांगण की गंदगी की साफ-सफाई रखना सुनिश्चित करें, जिससे छात्र-छात्राओं को वर्षा/बारिश से होने वाले कीट-पतंगों के काटने आदि की संभावना से बचाव व सुरक्षा किये जाने निर्देशित करें।

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प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में संचालित मध्यान्ह भोजन संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। बंद किचन सह भंडार कक्ष में काले दीवारों में मकड़ी जाले होने से कीट, छिपकली, पतंगे आदि कीड़े-मकोड़े का होने की संभावना बनी रहती है, जिसे उचित साफ-सफाई एवं किचन शेड/शाला परिसर के आसपास गंदे नालियों को ढक कर रखें ताकि विभिन्न संक्रमित गंभीर बीमारियों से बचाव/सावधानी/सतर्कता बरती जावे तथा ब्लीचिंग पावडर एवं रसायनों का नियमित छिड़काव/साफ-सफाई किया जाना सुनिश्चित करें। संचालनकर्ता के द्वारा रसोईयों को कोरोना गाइडलाईन का कड़ाई से पालन करते हुए भोजन के पूर्व बच्चों के साबुन से हाथ धोने के लिए उचित व्यवस्था कराया जाए तथा शाला में हैण्ड सेनेटाइजर को किचन एवं खाद्य सामग्रियों से दूर रखा जाए।

मध्यान भोजन हेतु खाना पकाने के सभी बर्तनो एवं तैल, नमक, मसाला सहित अन्य खाद्य साम्रगियों के डिब्बों को अच्छी तरह से धोकर खाद्य सामग्रियों को स्वच्छ एवं साफ रखा जाये तथा भोजन की उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य सामग्री एवं ताजी सब्जियों का ही उपयोग किया जाए। रसोईयों को सर्दी, खांसी, बुखार या किसी भी प्रकार से अस्वस्थ होने की स्थिति में शाला में प्रवेश नहीं दिया जाए। विद्यालयों/आंगनबाडी एवं छात्रावास परिसर में जलभराव से बचाव हेतु अपने स्तर पर तथा शाला समिति की बैठक कर चिन्हांकित करें कि शाला परिसर के आस-पास व खेल मैदानों में गड्ढों, दरारों को मिट्टी, पत्थर, मुरम आदि से समतलीकरण आसपास की साफ-सफाई एवं स्वच्छता करना सुनिश्चित की जाये।

जिले के सभी प्रमुख आपातकालीन सेवा प्रदान करने वाले संस्थाओ/विभागों का संपर्क नंबर का विवरण विद्यालय में रखने की व्यवस्था एवं नदी किनारे बाढ़ से प्रभावित विद्यालयों को चिन्हांकित कर बाढ़ भराव की स्थिति में शालाओं को सुरक्षित अन्य भवन/उचित स्थान में संचालित किये जाने हेतु कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाये। बाढ़ से बचाव से संबंधित आवश्यक निर्देश/सुझाव/संपर्क मार्ग के बैनर लगाया जाये तथा इस कार्य हेतु विद्यालय के जिम्मेदार शिक्षक का नामांकन किया जाये। सभी शालाओं में उपलब्ध हेण्डपम्प, बोर, नलकूप तथा कुंआ आदि से पेयजल आपूर्ति हेतु बारिश/बाढ़ की पानी से दुषित होने के संभावना को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ पेयजल के लिए ब्लींचिंग पावडर, फिटकरी एवं पोटैशियम परमैंग्नेट आदि संसाधनों से सफाई करने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क स्थापित कर विद्यालय के छात्र – छात्राओं को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति करने हेतु सुनिश्चित करें, ताकि बाढ़ से होने वाले संक्रमित बीमारी से बचाव किया जा सके।

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