भिलाई । बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने कलेक्टर से मुलाकात कर नहर पानी छोड़ने की मांग की है। मोर्चा के भिलाई जिलाध्यक्ष निश्चय वाजपेयी ने बताया कि ज्यादातर किसान पानी की कमी के कारण बयासी नही कर पाए हैं। बहुत से किसान तो बोवाई भी नही कर सके हैं। ऐसे में धान की फसल को बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से सिंचाई की जरूरत है। वाजपेयी ने कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे को बताया कि खेतों मे दरार पड़ने लगी हैं। प्रशासन यदि सजगता नही दिखाएगा तो सूखा पड़ने के आसार हैं। साथ ही उन्होंने बिजली कटौती से हो रही परेशानी की तरफ भी कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट किया। निश्चय वाजपेयी ने कहा कि जिन किसानों के पास बोर है वे भी बिजली की समस्या के कारण तकलीफ झेल रहे हैं। इसे लेकर भाजपा किसान मोर्चा ने पहले भी धरना-प्रदर्शन किया था और ज्ञापन सौंपा था। कलेक्टर ने कहा कि उन्होंने बिजली कटौती खत्म करने के लिए निर्देश दे दिये हैं और जल्द ही इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। नहरों में पानी खोलने के विषय में कलेक्टर ने कहा कि बांधो में जैसे ही पर्याप्त पानी भर जाएगा सिंचाई के लिए गेट खोल दिये जाएंगे।
कलेक्टर से चर्चा के दौरान उठाया बिजली कटौती का मुद्दा
गौरतलब है कि पिछले दिनो भाजपा किसान मोर्चा भिलाई के जिलाध्यक्ष निश्चय वाजपेयी के नेतृत्व में किसानों ने सेवा सहकारी समितियों में नगाड़ा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया था। वे बिजली कटौती से बेहद परेशान थे। मोर्चा के प्रदर्शनों के दबाव में किसानों के पुनः पंजीयन की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया। अब बिजली कटौती को लेकर भी कलेक्टर ने निर्देश जारी कर दिये हैं । मोर्चा के जिलाध्यक्ष निश्चय वाजपेयी ने कहा कि प्रदेश की भूपेश सरकार किसान हितैशी होने का ढोंग और विज्ञापन जरूर करती है लेकिन वास्तविकता में वो किसानों की उपज कम करने के लिये नए-नए हथकंडे अपनाती रहती है। चाहे वो रकबा काटने का काम हो या धान की खरीदी में लेटलतीफी हो। बोरी की किल्लत हो या खाद की कालाबाजारी। हर तरफ से किसान को परेशान करने का काम किया जा रहा है। वाजपेयी ने भूपेश बघेल की सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसान सरकार बना सकते हैं तो बिगाड़ भी सकते हैं। उन्होंने मांग की कि धान की खरीदी हर हाल में 1 नवंबर से शुरू होनी चाहिये। कलेक्टर से मिलने गए किसानों के प्रतिनिधिमंडल में श्याम सुन्दर जायसवाल, प्रमोद वर्मा, कमलेश गोयल, प्रदीप साहू, कन्हैया साहनी, उदय देवांगन, श्याम साहू शामिल थे।







