दुर्ग // यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं नाबालिग वाहन संचालन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से संचालित “ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत आज एसएनजी स्कूल, सेक्टर-04 भिलाई में एक यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, अभिभावक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुरुवात में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) कौशलेन्द्र देव पटेल द्वारा अपने उद्बोधन में उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में नाबालिग वाहन चालकों की बढ़ती भागीदारी अत्यंत गंभीर विषय है। इसी उद्देश्य से यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा पिछले एक 05 दिनों से लगातार *”ऑपरेशन विश्वास” संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत न केवल वैधानिक कार्यवाही की जा रही है बल्कि व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विगत 05 दिनों में लगभग 2,000 नाबालिग वाहन चालकों की जांच की गई, जिनमें 95 मामलों में मोटरयान अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई। इसके साथ ही 21 विद्यालयों में लगभग 15,000 विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का महत्व, स्कूल बसों के सुरक्षा नियम, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के कानूनी प्रावधान, अभिभावकों की जिम्मेदारी तथा विद्यालय प्रबंधन की भूमिका के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक बच्चा विधिक रूप से वाहन चलाने के योग्य न हो जाए एवं उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न हो, तब तक उसे किसी भी स्थिति में वाहन नहीं दिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती भारती मरकाम ने विद्यार्थियों को पिंक पेट्रोलिंग, महिला सुरक्षा, आपातकालीन सहायता व्यवस्था तथा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा हेतु पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील की।
इसके पश्चात उप निरिक्षक डॉ. संकल्प राय ने साइबर सुरक्षा विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, साइबर अपराधों की पहचान, डिजिटल सुरक्षा, ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी सावधानियों सहित इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के महत्वपूर्ण उपाय बताए।
जिला परिवहन अधिकारी मृतुन्जय देव पटेल द्वारा ने भी यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा संचालित ऑपरेशन विश्वास की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया। और लाइसेंस बनाने के नियम में होने वाले बदलाव, स्कूल बस की परमिट नियमों और अन्य जानकारी दी।
उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) विशाल सोम द्वारा आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि “बच्चों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने के लिए वाहन उपलब्ध न कराएं तथा स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करते हुए बच्चों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें।





