रायपुर // छत्तीसगढ़ शासन के लोक शिक्षण संचालनालय ने सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी करते हुए निजी एवं अशासकीय स्कूलों पर सख्ती बढ़ा दी है। जारी आदेश के मुताबिक अब प्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त और अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर आयोजित वार्षिक परीक्षा में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा।
संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 1वीं से 9वीं एवं 11वीं तक की परीक्षाएं निर्धारित समयसीमा और एक समान व्यवस्था के तहत आयोजित की जाएंगी। इसके लिए जिला स्तर पर प्रश्न पत्र निर्माण समिति, मॉडरेशन समिति और संचालन समिति का गठन 5 फरवरी तक करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रश्न पत्र ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयार किए जाएंगे तथा 15 फरवरी तक निर्माण, 20 फरवरी तक मॉडरेशन और 25 फरवरी तक मुद्रण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद 20 मार्च तक प्रश्न पत्रों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
संचालनालय ने यह भी निर्देशित किया है कि सभी स्कूलों में 28 फरवरी तक पाठ्यक्रम पूर्ण कर लिया जाए और 5 मार्च तक प्रायोजना कार्य समाप्त किया जाए।
वार्षिक परीक्षाएं 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी तथा 30 अप्रैल तक परिणाम घोषित करना अनिवार्य रहेगा।
सबसे अहम बात यह है कि निजी और अशासकीय विद्यालयों को भी अब राज्य की इस एकीकृत परीक्षा प्रणाली का पालन करना होगा, जिससे अलग-अलग परीक्षा पैटर्न की मनमानी पर रोक लगेगी। शासन के इस फैसले को निजी स्कूलों पर सख्त नियंत्रण और पारदर्शिता लाने की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से पूरे प्रदेश में एक समान मूल्यांकन प्रणाली लागू होगी और विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेगा।







