मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों से संबंधित कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन

शेयर करें

रायपुर । विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (ज्त्प्) द्वारा तैयार की गई राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातीयों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान तैयार की गयी इस कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य में निवास करने वाले अबुझमाड़िया, बैगा, बिरहोर, कमार एवं पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजातियां से संबंधित अनेक उपयोगी जानकारी का समावेश किया गया है। इस कॉफी टेबल बुक में इन जनजातियों की जनसंख्या, लिंगानुपात, शैक्षणिक स्थिति, उनके विकास हेतु गठित अभिकरणों-प्रकोष्ठों, उनमें भूमिधारिता, वन अधिकार मान्यता पत्र धारक परिवारों को जनकारी के साथ-साथ उनके सामाजिक-सांस्कृतिक एवं आर्थिक पहलुओं जैसे उनकी सामाजिक संरचना, ग्राम बसाहट, भौतिक संस्कृति, आर्थिक जीवन, जीवन संस्कार, परंपरागत न्याय व्यवस्था तथा उनमें विकास एवं परिवर्तन जैसे बिन्दुओं का आकर्षक ढंग से प्रस्तुतीकरण किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थिति थे।

  • Related Posts

    राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से कराएंगे परिचित
    • July 28, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक परंपराओं और बदलते बस्तर की नई तस्वीर को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बस्तर के परगना मांझी, चालाकी,…

    और पढ़ें
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना
    • July 28, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सपत्नीक श्रीमती कौशल्या साय के साथ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा…

    और पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *