मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय लोकनृत्य महोत्सव का किया भव्य शुभारंभ

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रायपुर // मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के अवसर पर आज रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव का देवगुड़ी में पूजा-अर्चना और दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत दो दिनों तक विभिन्न विषयों पर संगोष्ठी, जनजातीय चित्रकला प्रदर्शनी के साथ-साथ देश के 21 राज्यों के 28 आदिवासी नर्तक दलों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोगों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा सहित शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गेंद सिंह, गुण्डाधुर को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करके जनजातीय समुदाय का गौरव बढ़ाया है। इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस की भव्य शुरूआत 13 नवम्बर से जशपुर से हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समुदाय की जितनी चिंता की है, उतनी किसी ने नहीं की है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देश की 10 करोड़ जनजातीय आबादी के कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय बनाया।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय के गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी बिहार के जमुई से कल 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा आदिवासी गांवों के समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए 80 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान है। इससे छत्तीसगढ़ राज्य के 6,691 आदिवासी गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास और जनजातीय समुदाय के कल्याण के काम होंगे।

कार्यक्रम के आरंभ में सभी 21 राज्यों के आदिवासी नर्तक दलों के आकर्षक मार्चपास्ट के दौरान लोगों ने करतल ध्वनि कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने स्वागत उद्बोधन दिया और कहा कि यह आयोजन कला, संस्कृति, परंपरा और देश की रक्षा के लिए प्राणों का न्यौछावर करने वाले महापुरूषों को नमन करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में समाज के सभी वर्गाें के बेहतरी के काम तेजी से कराए जा रहे हैं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य श्याम बिहारी जायसवाल, खेल मंत्री टंक राम वर्मा, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, विधायक सर्व पुरंदर मिश्रा, गुरू खुशवंत सिंह साहब, मोती लाल साहू, इंद्र कुमार साहू, अनुज शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण विभाग सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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