दुर्ग // समग्र शिक्षा कार्यालय रायपुर एवं अहवान ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से जिले में बालवाड़ी कार्यक्रम को मजबूती देने के लिए सतत प्रयास जारी है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल एवं समग्र शिक्षा जिला समन्वयक सुरेंद्र पांडे का मार्गदर्शन से बालवाड़ी कार्यक्रम सुदृढ़ीकरण का कार्य जारी है।
जिसमें नई शिक्षा नीति के तहत बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान की विभिन्न गतिविधियों एवं खेल-खेल में सीखने सिखाना जारी रखा गया है। इस दौरान ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम सत्र आयोजित किया जा रहा है जिसमें बालवाड़ी, कक्षा 1 एवं कक्षा 2 के बच्चे मजे के साथ शामिल हो रहे हैं।
समर कैंप को मजेदार बनाने के लिए धमधा विकासखंड स्त्रोत समन्वयक ने की भागीदारी
इस ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम को मजेदार बनाने के लिए धमधा विकासखंड स्त्रोत समन्वयक महावीर वर्मा द्वारा भागीदारी दिया गया। जिसमें उनके द्वारा अभिभावकों और समुदाय को बालवाड़ी के साथ जोड़ने के लिए आग्रह किया गया साथ ही बच्चों की खेल खेल में सीखने के कौशल, भाषा और गणित की अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझने के लिए जोर दिया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान आह्वान ट्रस्ट से जिला समन्वयक प्रदीप शर्मा, तुषार साहू एवं अभिषेक सिंह के साथ सीएसी मुकेश पटेल, प्रधान पाठक ज्ञान सिंह यादव, शिक्षिका आरती ताम्रकार जी एवं उप सरपंच रामस्वरूप ताम्रकार जी प्रतिनिधि के साथ बड़ी संख्या में पालक अभिभावक उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अभिभावक और समुदाय को बालवाड़ी के साथ जोड़ना, बच्चों की रचनात्मक विकास की ओर ध्यान केंद्रित करना है।
गांव के सरपंच उपसरपंच एवं शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने की बच्चों की सीखने की प्रशंसा
इस कार्यक्रम में ग्रीष्मकालीन बालवाड़ी के बच्चों के साथ उनकी सूची के अनुसार गतिविधि का आयोजन किया गया जिसमें फूल और पत्तियों के माध्यम से स्वतंत्र चीत्कार चित्रकारी, धागा पेंटिग, बुनियादी भाषा और गणित की रचनात्मक गतिविधि और स्वतंत्र खेल शामिल है। इन सभी गतिविधियों में बच्चों के अभिभावक गण और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। जहां उनके द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों के लिए सभी अधिकारी गणों का तहे दिल से धन्यवाद किया गया और साथ ही इस कार्यक्रम के आयोजन हेतु समग्र शिक्षा एवं आह्वान ट्रस्ट का धन्यवाद प्रस्तुत किया गया।






