कार्तिक पूर्णिमा कब मनाये 26 या 27 जाने सही तारीख और पूजा मुहूर्त

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दिल्ली // इस साल 27 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है l हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन देव दीपावली भी मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन शिव जी ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था, इसलिए इस दिन को त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान, दान-पुण्य और दीपदान करने का बहुत महत्व है। और भगवान सत्यनारायण के रूप में भगवान विष्णु की पूजा करते हैं. सनातन धर्म में हर माह का विशेष महत्व होता है. कार्तिक माह भगवान विष्णु का ही स्वरूप है. इसको सबुद्धि, लक्ष्मी और मोक्ष प्राप्ति का महीना माना गया है. यह भगवान विष्णु का प्रिय माह माना जाता हैं. यह चातुर्मास का अंतिम महीना होता है. कार्तिक मास में ही भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं. इस मास में भगवान विष्णु पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच जल में निवास करते हैं. इसलिए कार्तिक माह में गंगा स्नान का विशेष महत्व है. स्कंद पुराण कथा के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का वध भी इसी माह में किया था, जिसके कारण इसका नाम कार्तिक पड़ा l इस विशेष दिन पर लोग व्रत रखते हैं l

कार्तिक पूर्णिमा तिथि 2023 
पंचांग के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 26 नवंबर को दोपहर 03 बजकर 52 मिनट से हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन 27 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 45 मिनट पर होगा। उदयातिथि को देखते हुए कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर 2023 को मनाई जाएगी। इस दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा, पूर्णिमा व्रत, कार्तिक गंगा स्नान-दान करना शुभ होगा।

देव दिवाली 2023 कब है ?

इस साल देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले 26 नवंबर 2023 रविवार को है, क्योंकि जब पूर्णिमा तिथि प्रदोष काल में विद्यमान होती है उसी दिन देव दिवाली मनाई जाती है. हिंदू धर्म के अनुसार इस दिन देवतागण धरतीलोक पर आते हैं और भक्त उनके निमित्त शाम को दीपदान करते हैं. इसी रात को लक्ष्मी पूजा भी की जाएगी और चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा l

देव दिवाली क्यों मनाते हैं ?

देव दीपावली अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है. मान्यता अनुसार कार्तिक पूर्णिमा तिथि पर भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था, उसके वध से प्रसन्न होकर सभी देवी और देवता काशी नगरी पहुंचे. वहां पर गंगा स्नान के बाद दीप जलाए और शंकर जी की उपासना की थी.

कार्तिक पूर्णिमा 2023 मुहूर्त

  • पूर्णिमा स्नान – सुबह 05.05 – सुबह 05.58 (27 नवंबर 2023)
  • सत्यनारायण व्रत पूजा – सुबह 09.30 – सुबह 10.49 (27 नवंबर 2023)
  • प्रदोष काल (दीपदान) – शाम 05.24 – रात 07.05 (26 नवंबर 2023)
  • चंद्रमा पूजा – शाम 04.29 (26 नवंबर 2023)
  • लक्ष्मी पूजा – 26 नवंबर, रात 11.41 – 27 नवंबर 2023, प्रात: 12.35

कार्तिक पूर्णिमा महत्व
हिंदू धर्म में कार्तिक मास को बहुत पवित्र माना जाता है। इस माह में भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा के बाद जागते हैं। इसके अलावा इस माह में तुलसी जी का भी विवाह किया जाता है। वहीं कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा नदी में स्नान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही इस दिन चंद्रमा और माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन में वृद्धि होती है।

कार्तिक पूर्णिमा उपाय
आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान करके पीपल के पेड़ पर दूध में शक्कर मिलाकर चढ़ाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से आपको मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी और धन-दौलत में बढ़ोतरी होगी।विज्ञापन

वहीं यदि काफी प्रयास के बाद भी आपको करियर और कारोबार में तरक्की नहीं मिल पा रही है तो कार्तिक पूर्णिमा के दिन न मां लक्ष्मी को केसर की खीर का भोग लगाएं। साथ ही विधि-विधान से मां लक्ष्मी की उपासना करें। उनकी पूजा में पीली कौड़ियां चढ़ाएं। फिर अगले दिन सुबह उन कौड़ियों को धन की तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से करियर और कारोबार में तरक्की मिलेगी और धन में भी वृद्धि होगी।

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