जमीन विवाद में घिरने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने लिया ये अहम फैसला, चंपत राय ने दिया था सुझाव

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अयोध्या। जमीन खरीदने के विवाद में घिरने और सवालों की अंगुली उठने के बाद राम मंदिर का निर्माण करवा रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नया फैसला किया है। ऐसा करने का सुझाव ट्रस्ट के महासचिव और विश्व हिंदू परिषद के नेता चंपत राय ने दिया था। सूत्रों के मुताबिक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब अपनी बैलेंस शीट का नियमित ऑडिट कराएगा। ट्रस्ट बनने के बाद से लगातार इसका ऑडिट नहीं हो रहा था। पहले ट्रस्ट बनाने पर सामाजिक संस्था माना जाता था और इस वजह से टैक्स नहीं देना पड़ता था।

चंपत राय ने ट्रस्ट की बैठक में सुझाव दिया था कि हाल ही में हुए जमीन खरीदने के विवाद के बाद ट्रस्ट को बाकी विवादों से दूर रखने के लिए किसी अच्छे ऑडिटर से लगातार ऑडिट कराना चाहिए। ट्रस्ट के बाकी लोगों ने यह बात मान ली है। फिलहाल ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को रिन्यू कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिसके बाद नए सिरे से ऑडिट कराकर रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।

इस बीच, चंपत राय ने विश्व हिंदू परिषद के सभी कार्यकर्ताओं को नया टास्क भी दिया है। उन्होंने कहा है कि मंदिर के लिए जिन्होंने भी दान दिया, उनकी लिस्ट तैयार करके परिषद के कार्यकर्ता एक-एक व्यक्ति के घर जाएं और उन्हें धन्यवाद दें। इसमें ये न देखा जाए कि किसने सिर्फ 10 रुपए का दान दिया और किसने करोड़ों की संपत्ति दी।

इन फैसलों के बीच, राम मंदिर के निर्माण का काम भी तेजी से बढ़ रहा है। नींव के 22 लेयर तैयार हो चुके हैं। अक्टूबर के मध्य तक बाकी के 23 लेयर तैयार कर लिए जाएंगे। जिसके बाद मंदिर को बनाने का काम शुरू होगा। मंदिर में राजस्थान का गुलाबी संगमरमर भी लगना है। जिसे कार्यशाला में लाकर तराशा भी जा रहा है।(newsroomsatap)

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