दूर हुए संघर्ष के दिन, अब पहाड़ नहीं चढ़ना होगा न ही नदी-नाला पार करना होगा

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रायपुर // हम गांव के 25 परिवार हैं। पहाड़ की 16 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई के बाद, ढाई घंटे लगातार चलकर राशन दुकान तक पहुंचते हैं, कभी-कभी खराब रास्ते से आना पड़ता है तो 35 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है, जहां नदी, नाला, खराब रास्तों से संघर्ष करना पड़ता है, मुख्यमंत्री जी हमारी मांग है कि हमारे गांव को नजदीकी पंचायत घुईडीह के राशन दुकान से जोड़ा जाए, जहां से राशन लेना आसान हो, गड़ईपारा निवासी हरीलाल की इतनी बात सुनते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को तत्काल निर्देशित किया, अब ग्रामीणों को 25 कि.मी. पहाड़ चढ़कर या 35 कि.मी. के रास्तों से संघर्ष करके राशन नहीं लेना पड़ेगा, उन्हें अब राशन अपने नजदीकी ग्राम पंचायत घुईडीह में ही मिलेगा।

ज़मीनी स्तर पर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन का प्रभाव देखने और जनता से सीधे संवाद करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट मुलाकात अभियान का आह्वान किया है। इसी क्रम में जब 7 मई को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुदरगढ़ पहुंचे और यहां के चौपाल में ये समस्या उभरी तो 6 दिन के भीतर ही ग्रामीणों को ग्राम घुईडीह से राशन मिलना सुनिश्चित हो गया। ग्राम कुदरगढ़ सेे 25 हितग्राहियों के नाम ग्राम घुईडीह के राशन दुकान में स्थानांतरित कर दिया गया है।

अब ग्रामीणों को पहाड़ चढ़ने और नदी नाले और पथरीले रास्तों से जूझने का संघर्ष नहीं करना होगा। ग्रामीणों के आग्रह पर उनके गांव को नजदीक की ग्राम पंचायत घुईडीह से जोड़ दिया गया है, ताकि उन्हें आसानी से राशन मिल सके और दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। ग्रामीणों की समस्या सुनकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल गांव के नजदीक की राशन दुकान में उन सभी हितग्राहियों के नाम जोड़ने के निर्देश दे दिए थे। मुख्यमंत्री के 7 मई को दिए गए निर्देश का तत्काल पालन करते हुए 13 मई को हितग्राहियों के नाम ग्राम घुईडीह में जोड़ दिया गया।

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