कोरोना में आर्थिक रूप से कमजोर हुए बिजली उपभोक्ताओं को मजबूत करेगी एमबीबीएस योजना

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रायपुर // मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 12 मार्च 2026 को प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) आर्थिक रूप से कमजोर बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत और संजीवनी बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से कोरोना महामारी तथा अन्य कारणों से बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को सीधे राहत प्रदान की जाएगी।

यह योजना विशेष रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल तथा कृषि उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2023 की स्थिति में बकाया राशि को आधार मानकर उपभोक्ताओं को मूल राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में छूट दी जाएगी। प्रदेश के 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत लगभग 758 करोड़ रुपए तक की सीधी छूट मिलने का अनुमान है। बिजली क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की राहत पहली बार दी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के दौरान प्रोटोकॉल और प्रतिबंधों के कारण कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल मिले, जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण वे जमा नहीं कर सके। महामारी के कारण कमजोर हुई आर्थिक स्थिति ने अनेक परिवारों को और अधिक कठिनाई में डाल दिया। ऐसे ही उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।

इस योजना से उपभोक्ताओं को न केवल बकाया बिजली बिलों के भुगतान में राहत मिलेगी, बल्कि उन्हें सरल और सुविधाजनक तरीके से अपने पुराने बकाये का निराकरण करने का अवसर भी मिलेगा। योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप, सभी बिजली वितरण केंद्रों तथा संबंधित कार्यालयों में पंजीयन करा सकते हैं।

राज्य सरकार द्वारा योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें। भुगतान के बाद पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिलने लगेगा।

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना न केवल लाखों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देगी, बल्कि उन्हें नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहित भी करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय की इस संवेदनशील पहल से प्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय पर पंजीयन कर योजना का अधिकाधिक लाभ प्राप्त करें तथा भुगतान के दौरान किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क किया जाए।

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