ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर सख्ती : रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध

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रायपुर // छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 20 जनवरी को नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन-2025 की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 4 के तहत आदेश जारी करते हुए रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। यह आदेश चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावशील रहेगा।

राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों द्वारा चुनाव प्रचार में लाउडस्पीकरों का अत्यधिक उपयोग शांति और जनजीवन को बाधित करता है। वाहनों और स्थायी मंचों पर लगाए गए लाउडस्पीकरों की तेज आवाज से विद्यार्थियों, रोगियों और वृद्धजनों को विशेष रूप से असुविधा होती है। इस कारण लाउडस्पीकर का विवेकपूर्ण और निर्धारित समय के भीतर उपयोग आवश्यक है।

चुनाव प्रचार हेतु प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकेगा। उपयोग के लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी से लिखित पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सालयों, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय, छात्रावास, नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायत, बैंकों, पोस्ट ऑफिस और दूरभाष केंद्रों से 200 मीटर की दूरी के भीतर लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

प्रचार के लिए उपयोग किए जाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र मध्यम आवाज के होंगे, ताकि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है। आदेश के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति और संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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