दुर्ग । पाँच वर्षों तक पॉकेट मनी से छोटे से रूप में यह अभियान चलते आ रहा था जिसे छठवे वर्ष में आप सबका सहयोग मिला,, इस वर्ष यह सातवे पायदान पर अग्रसर है,
चहके चिड़िया अभियान की सफलता का आयाम सफल हो रहा हमारा प्रयास पिछले 2 वर्षों से नए रूप में हमने ब्रीडिंग के लिए प्रयासः किया,,पार्थ भाई के हस्तनिर्मित घोसलें बनाकर हमने घर की मुंडेर पेड़ो के नीचे बांधे,,जिसके परिणाम स्वरूप पंछियो की ब्रीडिंग सफल हो पायी। इस सफलता के बाद हम ऐसे ही हस्तनिर्मित घोसलें बड़ी संख्या में इस वर्ष बनाने जा रहे है, 7 वर्षो में हमने हर दिशा में बेहतर प्रयास किया आगे और बेहतर करने का हरसंभव प्रयासः कर रहे है। पिछले 6 वर्षों में हजारों की संख्या में सकोरे एवम गौमाता कुंड लगा चुके है यह आगे भी इस कड़ी में सदैव जारी रहेगा इस अभियान को प्रदेश के विभिन्न संगठनों के साथ स्कूल कॉलेज के लोगो ने भी अपनाया और इसी के प्रयासः स्वरूप पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ के 22 जिलों के साथ 4 प्रदेशो में एक साथ एक अभियान करके इस अभियान की शुरुवात की गयी थी जिसमे राजस्थान,झारखण्ड,मध्यप्रदेश के लोगों का भी साथ मिला। आगे भी आप सभी से इसी प्रकार के सहयोग की आशा करते है।







