रायपुर // राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी संगठनात्मक संरचना में बड़ा बदलाव करते हुए देशभर में नई भौगोलिक रचना लागू की है। कार्य संचालन को अधिक प्रभावी बनाने और निर्णय प्रक्रिया के विकेंद्रीकरण के उद्देश्य से यह परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था के तहत देश को 9 क्षेत्रों और 85 संभागों में विभाजित किया गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में अब दो संभाग—रायपुर और बिलासपुर—निर्धारित किए गए हैं।
संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों टोप लाल वर्मा और डॉ. पुर्णेन्दु सक्सेना ने रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 13 से 15 मार्च के बीच हरियाणा स्थित माधव सृष्टि सवालखा में आयोजित सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया। इस सम्मेलन में संत शिरोमणि सतगुरु संत रविदास के 650वें प्राकट्य उत्सव के अवसर पर देशभर से 1,438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संघ के शताब्दी वर्ष में संरचनात्मक बदलाव
पदाधिकारियों के अनुसार, संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संगठन के संविधान में भी संशोधन किए गए हैं। वर्तमान में देश के 924 जिलों में 6,602 खंड और 6,127 शाखायुक्त खंड सक्रिय हैं। इस वर्ष शाखायुक्त मंडलों की संख्या में 1,535 की वृद्धि दर्ज की गई है।
देशभर में –
32,305 मंडल और 2,523 नगर शाखायुक्त हैं
55,683 स्थानों पर गतिविधियां संचालित हो रही हैं
40,800 विद्यार्थी शाखाएं और 88,949 महाविद्यालयीन शाखाएं सक्रिय हैं
32,606 साप्ताहिक मिलन और 13,211 संघ मंडलियां संचालित हो रही हैं
छत्तीसगढ़ में संघ की स्थिति
छत्तीसगढ़ प्रांत में संघ का नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है। यहां:
34 जिलों के 1,643 स्थानों पर 2,188 शाखाएं लग रही हैं
1,246 विद्यार्थी संयुक्त शाखाएं
124 महाविद्यालयीन शाखाएं
482 तरुण व्यावसायी शाखाएं
192 प्रौढ़ शाखाएं
144 बाल शाखाएं संचालित हैं
इसके अलावा –
833 साप्ताहिक मिलन
155 वरिष्ठ स्वयंसेवक मिलन
632 संघ मंडलियां
193 सेवा बस्तियां शाखायुक्त हैं
रायपुर महानगर को 14 नगरों में विभाजित किया गया है, जहां 131 बस्तियों में 204 शाखाएं संचालित हो रही हैं।






