बस्तर के किसान दिनेश को भाया नैनो यूरिया और नैनो डीएपी

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रायपुर // आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक नवाचारों ने कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है, जिसका एक जीता-जागता उदाहरण बस्तर क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। यहाँ पारंपरिक बोरी वाले उर्वरक को छोड़कर किसान अब नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसी आधुनिक तकनीक को अपना रहे हैं। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान दिनेश पाणीग्राही का अनुभव इस बात को दर्शाता है कि नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी न सिर्फ फसलों का उत्पादन बढ़ा रहा है, बल्कि किसानों की जेब और मेहनत दोनों को बचा रहा है और एक बेहतर विकल्प बन गया है।

दिनेश पाणीग्राही ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग से जुड़े अपने बेहतरीन अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वह पिछले दो-तीन वर्षों से इस उत्पाद का उपयोग कर रहे हैं। पहले जहाँ एक एकड़ में डेढ़ से एक बोरी यूरिया और दो बोरी दानेदार डीएपी की खपत होती थी, वहीं अब उसकी जगह एक छोटी सी बोतल नैनो यूरिया तथा एक बोतल नैनो डीएपी ने ले लिया है। दिनेश का कहना है कि पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को समिति से घर और घर से खेत तक ले जाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब यह काम इतना आसान हो गया है कि पूरी खाद एक छोटे से झोले में आ जाती है।

दिनेश के पास कुल 5 एकड़ जमीन है, जिसमें से लगभग 4 एकड़ पर वह नियमित खेती करते हैं। उन्होंने इसका सफल और फायदेमंद प्रयोग मक्का और धान की फसलों पर किया है। उनके अनुसार पारंपरिक दानेदार उर्वरक के मुकाबले पिछले दो-तीन साल में फसलों के उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। इस लिक्विड खाद की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शून्य प्रतिशत बर्बादी होती है। पुरानी दानेदार खाद अक्सर पानी में बह जाती थी या सूखे-गीले के चक्कर में खराब हो जाती थी, लेकिन इसके विपरीत 15 लीटर वाले छोटे स्प्रे पंप से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव सीधे पौधों पर किया जाता है।

नर्सरी से लेकर अंतिम चरण तक कुल तीन बार स्प्रे करने से इसका पूरा लाभ फसल को मिलता है। आर्थिक रूप से भी यह उत्पाद बेहद किफायती साबित हो रहा है, क्योंकि जहाँ पारंपरिक उर्वरक के तहत यूरिया की बोरी 265 रुपये या उससे अधिक की पड़ती है, वहीं नैनो नैनो यूरिया 225 रुपये तथा डीएपी की बोरी 1350 रुपये से ज्यादा दर पर मिलती है जबकि नैनो डीएपी की बोतल मात्र 600 रुपये के आसपास मिल जाती है, जिससे खेती के लिए उर्वरक की लागत बहुत कम हो गई है।

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