बसंत पंचमी और मातृ पितृ पूजन दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया पेंड्रीतराई स्कूल में

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अहिवारा // शासकीय प्राथमिक एवम् पूर्व माध्यमिक शाला पेंड्रीतराई,विकासखंड धमधा जिला दुर्ग में बसंत पंचमी और मातृ पितृ पूजन दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।मां सरस्वती की छायाचित्र पर पालकों, एसएमसी सदस्यों,छात्रों और शिक्षको के द्वारा पूजा अर्चना, मंत्रोच्चारण से किया गया,पूजन विधियों के द्वारा पूजा करते हुए मां शारदे की वंदना की गई। सीएसी सूर्यकान्त हरदेल ने बसंत पंचमी पर प्रकाश डाला कि माघ महीने की शुक्ल पंचमी को बसन्त पंचमी के नाम से जाना जाता है। बसंत की शुरुआत इस दिन से होती है।

इसको बुद्धि, ज्ञान और कला की देवी सरस्वती की पूजा-आराधना के दिन के रूप में मनाया जाता है। मौसमी फूलों और फलों और चंदन से सरस्वती पूजा की जाती है। सरस्वती को अच्छे व्यवहार, बुद्धिमत्ता, आकर्षक व्यक्तित्व, संगीत का प्रतीक भी माना जाता है।मातृ पितृ पूजन दिवस का कार्यक्रम बच्चो एवम् उनके माता पिता के द्वारा आरती की थाली सजाकर किया गया,माता पिता ने अपने बच्चो को मिठाई खिलाई,और आशीर्वाद प्रदान किया। बच्चो द्वारा बसंत पंचमी और मातृ पितृ दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम बहुत ही आकर्षक रूप में प्रस्तुत किए। रजत देशलहरे ,हेमलता और आस्था यादव इन छात्रों अपने माता पिता के साथ बिताए पलों के अनुभव को अंतर्मन से व्यक्त किया।

माता पिता का सदैव चरण स्पर्श प्रतिदिन करना चाहिए,उनकी सेवा और सम्मान करना संदेश सीएसी द्वारा दिया गया।माता पिता प्रथम गुरु है,हमेशा अच्छी शिक्षा देते है,नैतिकता,सामाजिकता,व्यवहारिकता सिखाते है।बहुत ही अच्छा और सफलता पूर्वक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सीएसी सूर्यकान्त हरदेल ने सभी पालकों ,अभिभावकों को धन्यवाद देते हुए आभार जताया ।

इस अवसर पर प्रधान पाठक दीप्ति किरण तिर्की, षडानंद देशलहरे, नीलम शशि कुजूर,चंद्रकांत,संतोष कुमार पात्रे, सीएसी सूर्यकान्त हरदेल, एसएमसी सदस्यों,पालकों छात्रों एवम् शाला परिवार के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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