आयुष्मान पंजीयन कार्य शीघ्र पूरा करने कर्मचारियों को चेताया

शेयर करें

भिलाई // नगर पालिक निगम भिलाई चरौदा कार्यालय में मंगलवार 11 मार्च 2025 को आयुष्मान पंजीयन कार्य पर बैठक आयोजित की गयी। इस बैठक में निगम कमिश्नर डी एस राजपूत द्वारा कार्य से संलग्न कर्मचारियों से एक एक वार्ड में अब तक किये गये आयुष्मान पंजीयन 70  वर्ष से अधिक के नागरिकों  एवं नये राशन कार्ड से बनाये गये की जानकारी प्राप्त की गयी।

भिलाई-चरोदा निगम को प्राप्त लक्ष्य 96726 के विरूद्ध 81909 आयुष्मान पंजीयन किया जा चुका है।  जबकि वर्तमान में 15600 लोगों का पंजीयन नये सिरे से किया जाना शेष है। बडी हुयी संख्या में नये राशन कार्ड धारक भी शामिल है। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक के वरिष्ट जनों के भी आयुष्मान पंजीयन का टारगेट 30% तक पूरा कर लिया गया है।

निगम कमिश्नर डी एस राजपूत चर्चा में कहा कि भारत सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक ये आयुष्मान भारत योजना है। जिसमें पंजीयन करा चुके लोगो को 5 लाख तक का चिकित्सा सुरक्षा चक्र का लाभ प्राप्त हो रहा है। चिकित्सा सुविधा का जो लाभ आयुष्मान भारत योजना में मिलता है, उसके विषय में हम सभी को बडी ही गंभीरता से विचार करने और कार्य करने की जरूरत है। क्योंकि पैसो की कमी के कारण समय पर इलाज नही होने से  बीमार व्यक्ति और उनके परिजनों की स्थिति अत्यधिक पीड़ा दायक होती है।

इस कारण आयुष्मान पंजीयन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी पात्र लोगों का पंजीयन करे। निगम आयुक्त ने भिलाई-चरौदा निगम क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हमारी टीम फील्ड में घर घर जाकर आयुष्मान पंंजीयन कार्य कर रही है, जिसमें आप लोग से पूर्ण सहयोग अपेक्षित है।बैठक के दौरान निगम के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अश्वनी चंद्राकर, जनसंपर्क प्रभारी विकास चन्द्र त्रिपाठी, निगम के ऑपरेटर डिकेश कुमार वर्मा, चुम्मन साहू, पुरानिक साहू, दुष्यंत साहू, गौरव वर्मा, कविता यादव, चंचला नायक, ममता बंछोर, अनिता ठाकुर, आनंद पटेल उपस्थित रहें।

  • Related Posts

    मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में कैम्पा की समीक्षा बैठक संपन्न
    • May 6, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // मुख्य सचिव ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैम्पा मद के अंतर्गत वन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे- पुल-पुलियों, मार्गों और…

    और पढ़ें
    माओवादियों का गढ़ रहे तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल
    • May 5, 2026

    शेयर करें

    शेयर करेंरायपुर // विकासखंड उसूर का अतिसंवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई…

    और पढ़ें