छत्तीसगढ़ के समस्त पटवारियो की अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी सरकार द्वारा एस्मा लगाया एस्मा की कापी जलाकर विरोध जताया

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रायपुर // राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ अपने विभिन्न मांगों को लेकर 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर छतीसगढ़ के समस्त जिला सहित बेमेतरा जिला के पटवारी साथी लगातार 25 वां दिन आंदोलन पर जिलाध्यक्ष बोधी राम निषाद ने बताया की आंदोलन स्थल पर ही सरकार द्वारा और न ही उसके सचिव द्वारा किसी प्रकार की चर्चा नही और नही किसी प्रकार का नोटिस छत्तीसगढ़ सरकार पटवारियों को इस आंदोलन से भयभीत होकर एस्मा लगाया प्रदेश भर में पटवारियों ने विरोध में आकर आंदोलन स्थल पर काले कपड़े में उपस्थित हुए और एस्मा की कापी लगाकर एस्मा वापस लो के नारे लगाए और अपनी मांग को लेकर अडिग रहे जब तक 9 सुत्रीय मांग पूर्ण नही हो जाती आंदोलन जारी रहेगा सरकार की कार्यवाही से डरेंगे नही ।

आपको बता दें कि दिसम्बर 2020 में भी पटवारियो द्वारा विभिन्न चरणों मे इन्ही मांगों को लेकर आंदोलन किया गया था जिसमे लगभग 14 दिनों का अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शामिल है, राजस्व मंत्री महोदय के आश्वासन पर उस हड़ताल को स्थगित किया गया था किंतु 2 वर्ष बाद भी मांगो पर उचित कार्यवाही नही किया गया। विगत 24 अप्रैल को रायपुर के तुता में प्रदेश भर के लगभग 4000 से अधिक पटवारियो ने सांकेतिक आंदोलन के रूप में एक दिवसीय तुता मे धरना प्रदर्शन किया गया है। राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ ने 14 मई तक मांगे के ऊपर सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया जिसके परिणामस्वरूप आज 15 मई से राजस्व पटवारी संघ के सदस्य गण अनिश्चित कालीन हड़ताल में चले गए है, जिससे आम जनता का राजस्व संबंधी कार्यों का सम्पादन जिला मे ठप हो गया है चाहे आय जाति, बिक्री नकल, कृषि ऋण, राजस्व प्रतिवेदन एवं अन्य साशन की महत्वपूर्ण कार्य नहीं हो पाया।

राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ की मांगे यह है कि प्रदेश के पटवारियों द्वारा विभागीय कार्यो के अतिरिक्त समय समय पर उच्चाधिकारियों द्वारा दिए मौखिक /लिखित आदेशो का पालन ईमानदारी पूर्वक किया जा रहा है |निर्वाचन ,जनगणना ,बाढ़ आपदा ,सुखा ,राजस्व वसूली ,प्रोटोकाल ड्यूटी ,जनसमस्या निवारण शिविरों में आवश्यक व्यवस्था के साथ साथ प्राप्त विभागीय आवेदनों का समय पर निराकरण ,शासन की जनकल्याणकारी योजनाओ में सहभागिता आदि कार्यो का संपादन विभागीय कार्य जैसे गिरदावरी ,अभिलेख अद्यतन ,नक्शा बटाकन ,सीमांकन,आबादी सर्वे के साथ साथ किया जा रहा है ,न सिर्फ इतना ही बल्कि आवश्यक व्यवस्था हेतु मेला में ,मंदिरों में ,अन्य बड़े आयोजनों में भी पटवारियों का ड्यूटी लगाई जाती है |

कार्य की अधिकता को देखते हुए पटवारियों का ग्रेड पे 2800 किया जाए।राजस्व निरीक्षक की सीधी भर्ती पर रोक लगाया जाये | राजस्व निरीक्षक के कुल पदों के 50% पर पटवारियों से वरिष्ठता के आधार पर एवं शेष 50% पदों पर विभागीय परीक्षा के माध्यम से नियूक्ति किया जाये | 5 वर्ष पूर्ण कर चुके सभी पटवारियों को राजस्व निरीक्षक का प्रशिक्षण दिलाया जाये |प्रशिक्षित पटवारियों से ही रिक्त पदों के 50% पर वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति किया जाये ।उपरोक्तानुसार भर्ती नियम में आवश्यक संशोधन किया जाये ।साथ ही राजस्व निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा नियमित रूप से आयोजित किया जाये |वर्तमान में भूमि से संबंधित अभिलेख ऑनलाइन किया जा चूका है |अभिलेखों का दुरुस्ती,नामान्तरण/बटवारा में आवश्यक प्रतिवेदन ,नक्शा बटांकन आदि ऑनलाइन ही किया जा रहा है |जिसके लिए कंप्यूटर ,इन्टरनेट ,प्रिंटर ,स्कैनर आदि की आवश्यकता पडती है |किन्तु दुखद है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना भुइयाँ कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु पटवारियों को आज पर्यन्त आवश्यक संसाधन नही दिया गया है | अतः पटवारियों को ऑनलाइन कार्य हेतु कंप्यूटर/लैपटॉप प्रदान किया जाये ,साथ ही इन्टरनेट हेतु 500 रु मासिक नेट भत्ता दिया जाये |वर्तमान में बहुत से नये हल्कों का गठन किया गया है |जहा पटवारियों को कार्यालय तो दूर मूल भुत सुविधाए जैसे टेबल कुर्शी पंखा अलमीरा भी नही दिया गया है ,किराये के मकान में स्वयं के संसाधन से कार्यालय चलाने में मजबूर है |अतः प्रत्येक पटवारी हल्के में पटवारी कार्यालय एवं आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था किया जाये |

पटवारियों को वर्तमान में 250 रु प्रति माह की दर से स्टेशनरी भत्ता दिया जा रहा है जिसका निर्धारण लगभग 10 वर्ष पूर्व किया गया था ,बढ़ते महंगाई के साथ साथ स्टेशनरी के दरो में भी वृद्धि हुआ है अतः स्टेशनरी भत्ता 1000 रु प्रति माह दिया जाये |यह भत्ता प्रतिवर्ष बढ़ाया जाये |पटवारियों के लिए अतिरिक्त हल्के का प्रभार हेतु 250 रु निर्धारित है जबकि कार्य मूल हल्के के सामान ही किया जाता है ,अतः नियमावली में आवश्यक संशोधन करते हुए अतिरिक्त हल्के का मानदेय मूल वेतन का 50% प्रतिशत किया जाये |पटवारी भर्ती नियम में 12वी परीक्षा उत्तीर्ण होने के साथ साथ कंप्यूटर आवश्यक किया गया है | वर्तमान में भुइयां एवं भू नक्शा सॉफ्टवेयर का संचालन जैसे तकनीकी कार्य ,साथ ही बढ़ते टेक्नोलॉजी के साथ आबादी सर्वे आदि कार्यो को देखते हुए पटवारियों की भर्ती नियम में आवश्यक संशोधन करते हुए न्यूनतम योग्यता स्नातक किया जाये |वर्तमान में हल्का मुख्यालय से तहसील या जिला मुख्यालय तक आवागमन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध हो चुकी है |साथ ही हल्कों का आकार भी कम हो चूका है (एक हल्के में अधिकतम 2 पंचायत )| साथ ही अधिकांश कार्य ऑनलाइन हो चूका है जो इंटरनेट सुविधा युक्त जगह में ही संभव है |

अतः पटवारियों के नियमावली में आवश्यक संशोधन करते हुए मुख्यालय निवास की बाध्यता को समाप्त किया जाये |पटवारियों के द्वारा कार्य सम्पादन करते समय यदि लिपिकीय त्रुटी या इसके अतिरिक्त कागजात संधारण करने में कोई भूल हो जाये ऐसी स्थिति में विभागीय जाच उपरांत ही एफ आई आर की कार्यवाही होनी चाहिए |शासन से स्पष्ट निर्देश जारी हो की जब तक विभागीय जाच पूर्ण न हो जाये तब तक प्रारम्भिक एफ आई आर दर्ज न हो, नक्सली क्षेत्र मे कार्यरत पटवारियों को नक्सल भत्ता देय हो।

इस प्रकार 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्व पटवारी संघ ने राजस्व सचिव को ज्ञापन सौंपा है। प्रमुख रूप से जिला सरंक्षक भूपेंद्र तिवारी, एन. आर. खुटे,जिलाध्यक्ष बोधी राम निषाद,प्रांतीय संगठन मंत्री एवं जिला सचिव अभिषेक माली ,जिला उपाध्यक्ष तुकेश्वर भारती, अध्यक्ष थान खमरिया ऋषि निर्मलकर,तहसील उपाध्यक्ष बेमेतरा कुमार गौरव साहू, तहसील कोषाध्यक्ष बेमेतरा धर्मेंद्र शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष आशीष मांडले, पूर्व तहसील अध्यक्ष बेमेतरा महेंद्र साहू, पूर्व तहसील अध्यक्ष बेमेतरा दिनेश नामदेव,पूर्व तहसील अध्यक्ष सुश्री सुषमा घृतलहरे,ज्योति तिवारी, ओंकार सोनवानी, संजय ध्रुव, परस साहू, लक्ष्मी कांत वर्मा, सनत मंडावी, सुरेश भारती, दिनेश ठाकुर, दीपक ठाकुर, सुंदर लाल घृतलहरे,मुकेश , मेघराज पटेल ,विजय पाल, अभिषेक सोनी, भारत ठाकुर, कामता सिन्हा, राजन साहू, नवरतन साहू, चैनकुमार कामरे, अम्बा उपाध्याय, अंकित गुप्ता, रेखा दीवान,कमलेश चेलक, सुरेखा सोनी,जानकी कुर्रे, कल्याणी ठाकुर, श्वेता मिश्रा, एवं अन्य पटवारी साथी गण उपस्थित रहे ।

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