कृषि महाविद्यालय के छात्रों द्वारा सेवफल जैम बनाने का प्रदर्शन

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बेमेतरा // कुमारी देवी चौबे शासकीय कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र साजा में अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओें द्वारा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत मौहाभाठा के किसानों एवं महिलाओं (स्व-सहायता समूह के सदस्यों) को सेवफल से ‘‘जैम‘‘ बनाना सिखाया। जिसमें गांव के समृद्ध किसान रोहित सोनकर, टुकेश्वर साहू एवं अन्य ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्र-छात्राओं ने बताया कि सेवफल से जैम तैयार करना, खाद्य प्रसंस्करण की एक विधि है। सामान्यतः सेवफल लगफल 3-5 दिनों में खराब हो जाते है। यदि सेवफल से जैम तैयार कर लिया जाए, तो लंबे समय तक (3-5 महीने) उसका सेवन किया जा सकता है। साथ ही खाद्य-प्रसंस्करण के द्वारा उत्पादों के मूल्य में भी वृद्धि होती है।

जैम जैयार करने के लिए 1 किलो सेवफल, तीन चौथाई भाग शक्कर (750 ग्राम), 2-3 ग्राम सिट्रिक एसिड एवं खाद्य रंग की आवश्यकता होती है। जैम बनाने के लिए सर्वप्रथम ताजे एवं अच्छे फलों का चयन आवश्यक है। फलों को अच्छी तरह धोने के पश्चात् उसके ऊपर का छिलका एवं बीज हटा दिए जाते है। फलों को छोटे टुकड़ों में कॉटकर तब तक पकाया जाता है, कि मसलने पर उसका पेस्ट बन जाए। इसके बाद फलों की मात्रा के तीन चौथाई भाग के बराबर शक्कर को धीरे-धीरे मिलाया जाता है। इस दौरान लगातार चम्मच घुमाते रहना आवश्यक है। पेस्ट को तब तक पकाया जाता है जब तक वह गाढ़ा न हो जाए। इसके पश्चात्् लगभग 2-3 ग्राम/किलोग्राम फलों के हिसाब से सिट्रिक एसिड डाला जाता है एवं अंत में रंग प्रदान करने के लिए खाद्य रंग मिलाया जाता है। इस प्रकार जैम तैयार होता है। कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय एवं रावे प्रभारी के दिशा निर्देश में किया गया।

मोहगांव स्थित कृषि महाविद्यालय के छात्र विगत दो माह से कृषि कार्य अनुभव के तहत किसानों को खेती में नवाचार एवं आधुनिक खेती के गुर सिखा रहे है। साथ ही साथ पाठ्यक्रम के दौरान ली गई शिक्षा को किसानो के अनुभव से साझा करते हुए किसानों द्वारा अपनाई जा रही पारंपरिक विधियों को भी सीख रहे है। कार्यक्रम में छात्र प्रतिनिधि परवीन निशा एवं श्वेता वर्मा के द्वारा किसानों को तरल यूरिया एवं तरल डी.ए.पी. के उपयोग की जानकरी भी दी गई। इसी तारतम्य में कृषि महाविद्यालय के छात्र राम साहू, श्याम कुमार, नेमशरण साहू एवं अन्य छात्र-छात्राओं परस्पर रावे गतिविधियों का संचालन कर रहे है।

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