एसीसी सीमेंट जामुल श्रमिक संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ

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एसीसी सीमेंट जामुल श्रमिक संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ

जामुल ।। एसीसी सीमेंट जामुल श्रमिक संगठन में विगत दस वर्षो पश्चात लोकतान्त्रिक प्रक्रिया के अनुसार निष्पक्ष चुनाव हुए, जिसमे चुने गए पदाधिकारियों के साथ-साथ श्रमिक संगठन के पदाधिकारीयो एवं सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में निर्वाचित नए पदाधिकारियों का शपथ आये हुए अतिथियों मुक्ति गुहा नियोगी एवं जाहिर खान ने बुढ़ा लेवर कैंप जामुल में सभी श्रमिको को फूलो से उनका स्वागत कर अतिथियों ने शहीद शंकर गुहा नियोगी के फोटो पर माल्यार्पण के पश्चात शपथ ग्रहण समारोह आरम्भ किया गया नवनिर्वाचित पदाधिकारी अध्यक्ष धनंजय शर्मा , उपाध्यक्ष सूरज बख्स सिंह ,कोषाध्यक्ष मोहम्मद अली, भानुप्रताप रामटेके ,संतोष यादव ,महासचिव सोनू निर्मलकर ,सनत जंघेल को मुक्ति गुहा नियोगी ,ज़हीर खान , ईश्वर उपाध्याय के उपस्थिती में पहले शपथ दिलाया गया

ईश्वर उपाध्याय ने संबोधित करते हुए कहा यह संगठन और इसके पदाधिकारियों को मजबूती से ईमानदारी पूर्वक काम करने की आवश्यकता है नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से ना केवल श्रमिको को अपितु जामुल के हर परिवार को आपसे बहुत उम्मीद है, यहाँ के श्रमिको को न्याय उनका हक और अधिकार तो नए पदाधिकारियों को दिलाना ही है साथ ही साथ जामुल के बेरोजगार नवजवानों के अप्रेंटिसशिप व रोजगार हेतु भी नए पदाधिकारियों द्वारा प्रयास करना होगा ,एसीसी सीमेंट में किसी भी नयी भरती में यहाँ के युवाओ को प्राथमिकता दिलाना भी आपकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है पूर्व में छटनी किये गए कर्मचारियों को भी उनका हक दिलाना आप का कर्तव्य है क्यू कि बहुत हीं आशा भरी निगाह से वो सभी आप से उम्मीद रखे हुए है”

जिसके पश्चात ज़हीर खान ने अपना उद्बोधन में कहा पूरा छत्तीसगढ़ किसानों और मजदूरों के दम पर खड़ा है, यहाँ की मिट्टी सोना उगलती है चाहे वह धान के रूप में हो या खदानों से लोहा या बाक्साइट के रूप में हो जिसका दोहन किसानों व मजदूरों के हाथों होता है । जामुल का जो ए.सी.सी सीमेंट प्लांट है। वहाँ अपने अथक परिश्रम से मजदूरों ने सीमेंट की तरह मजबूत दीवार बनाने की कोशिश की है और मैं उन सभी श्रमिक जो पदाधिकारी बन कर आये उनको मैं बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ

राजहरा से आयी शहीद शंकर गुहा नियोगी की सुपुत्री मुक्ति गुहा नियोगी ने कहा की जामुल से मेरा बहुत गहरा नाता है अपने पिता के साथ मैं आंदोलन में आया करती थी। आप लोग जो संघर्ष कर रहे है जो आंदोलन कर रहे है। अपने हक़ के लिए अधिकार के लिए अन्याय और अत्याचार के खिलाफ निश्चित रूप से आप लोग ही नियोगी जी के असली विरासत है। आज भी ये लड़ाई जारी है और पूंजीपतियों द्वारा अन्याय और शोषण जारी है। मेरे पिता जी सशरीर आप लोगों के बीच जीवित नहीं है, पर आप के दिल आप के विचारधारा आप के संघर्ष में वो जीवित है। मेरे जितने भी भाई चुनकर पदाधिकारी के रूप में आये हैं वो निश्चित ही बदलाव व परिवर्तन के बीज है, सृजन के बीज है। जिनको मैं बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं देती हूँ। मेरे पिता ने यही सिखाया है अन्याय और अत्याचार के खिलाफ हमेशा लड़ना है उन से भिड़ना है जहाँ मेरी जरूरत पड़ेगी मैं आप के साथ हूँ युवराज वैष्णव ने सभा को संबोधित किया ,मंच संचालन मदन मोहन द्विवेदी ने किया

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