जामुल // ईश्वर उपाध्याय ने बताया कि नगर पालिका परिषद जामुल क्षेत्र में ए. सी. सी. अडानी सीमेंट प्लांट स्थापित है, परंतु उक्त प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोज़गार के समुचित अवसर नहीं दिया जा रहा है संयंत्र प्रबंधन द्वारा अधिकारी/ प्रशासनिक या प्रबंधन की ओर से सीधी भर्ती तो दूर ठेका श्रमिकों में भी स्थानीय जन की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर असंतोष व्याप्त है।
प्रबंधन द्वारा बाहरी ठेकेदारों को अलग अलग काम के लिए ठेका प्रदान किया जा रहा है और वह ठेकेदार अन्य राज्यों से अपने साथ मज़दूर लाकर जामुल स्थित प्लांट में काम करवा रहे हैं जिससे स्थानीय लोगों को मज़दूरी जैसे काम में भी उपेक्षित किया जा रहा है जामुल व आस पास के युवाओं का आधार कार्ड देखते ही उन्हें वापस कर दिया जाता है काम नहीं दिया जाता ऐसे में स्थानीयजन जाएं तो जाएँ कहाँ, संयंत्र से होने वाले प्रदूषण व दुष्परिणामों को स्थानीय जन झेलते हैं और रोज़गार का अवसर किसी दूसरे को मिल रहा है।
इन्हीं सभी विषयों को लेकर हमने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, माँग पूरी नहीं होने पर 25 जून 2024, दिन मंगलवार से छह चरणों में रोज़गार सत्याग्रह आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया की प्रथम चरण- सांकेतिक धरना प्रदर्शन (केवल 25 लोगों द्वारा) द्वितीय चरण – अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन तृतीय चरण-क्रमिक भूख हड़ताल
चतुर्थ चरण-आमरण अनशन पंचम चरण-प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम खून से लिखा माँग पत्र 10 हज़ार लोगों द्वारा षष्ठम चरण- समीपस्थ ग्राम व नगरवासियों द्वारा 25000 (पच्चीस हज़ार) से अधिक की संख्या में स्थानीय जन के साथ संयंत्र के सभी प्रवेश द्वार व ए. सी. सी. कॉलोनी के प्रवेश द्वार के सामने अनिश्चित क़ालीन प्रदर्शन रहेगा l
ज्ञापन सौंपने में उनके साथ उमेश निर्मलकर, इंद्रजीत उपाध्याय, रुपेश यादव, धीरज निर्मलकर, राहुल निर्मलकर, मोहम्मद आरिफ़, इशांत शर्मा, नीरज पटेल,यशु निर्मलकर, ओमप्रकाश निर्मलकर आदि उपस्थित थे।






