आजादी के 78 साल बाद अबुझमाड़ के मयूरीपारा तक पहुंची विकास की राह

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रायपुर // बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अतिसंवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। वर्षों तक विकास से दूर रहे मयूरीपारा तक अब सड़क पहुंचने से लोगों को बेहतर आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने लगा है।

16 किलोमीटर सड़क निर्माण से जुड़ रहा दूरस्थ क्षेत्र

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बैल से मयूरीपारा तक 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना में अब तक 13 किलोमीटर मिट्टीकृत सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। साथ ही मुरूमीकरण और छह पुलियों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष कार्य जून माह में पूरा कर लिया जाएगा।

दुर्गम रास्तों से मिल रही राहत

ग्राम बैल की सरपंच श्रीमती जुग्गी अठामी ने बताया कि लंबे समय तक सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कार्यों के लिए घने जंगलों से होकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बरसात के मौसम में नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने बताया कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर था। अब सड़क निर्माण से हालात तेजी से बदल रहे हैं और लोगों को बड़ी राहत मिली है।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिला नया आधार

सड़क बनने से स्कूली बच्चों का आवागमन आसान हुआ है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर हुई है। अब जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

विकास और समृद्धि की नई उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद है। बैल से मयूरीपारा मार्ग के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है

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