दुर्ग // दीपक कुमार अहिरवार, निवासी ग्राम जोरातराई द्वारा थाना उतई में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि आरोपिया तृप्ती साहू द्वारा अपने परिचित के घर, उतई में रैम्बो इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी में निवेश करने पर 28 माह में राशि चार गुना होने तथा प्रतिमाह 10 से 12 प्रतिशत ट्रेडिंग रिटर्न मिलने का झूठा आश्वासन देकर कुल 19 लाख रुपये निवेश कराए गए। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई तथा धोखाधड़ी कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।
प्रकरण की जांच उपरांत अपराध क्रमांक 389/2026 में धारा 420, 34 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। (नोट: मूल मसौदे में “भादवि” अंकित था, जिसे वर्तमान कानून के अनुसार “भारतीय न्याय संहिता (BNS)” से संशोधित किया गया है।)
विवेचना के दौरान आरोपिया के एसबीआई, यस बैंक, केनरा बैंक एवं एचडीएफसी बैंक शाखा भिलाई के बैंक खातों एवं ट्रांजेक्शन स्टेटमेंट का परीक्षण किया गया, जिसमें लाखों रुपये के संदिग्ध एवं अनाधिकृत लेन-देन पाए गए।
20 जुलाई को आरोपिया तृप्ती साहू को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपिया ने निवेशकों से प्राप्त राशि का स्वयं उपयोग करने तथा अन्य साथियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की बात स्वीकार की। आरोपिया को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेजा गया ।
उक्त कार्रवाई में थाना उतई के निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक श्रीराम पेन्ड्रो, सहायक उप निरीक्षक सुरेश पाण्डेय, महिला आरक्षक पूजा सोनकर एवं महिला आरक्षक बिन्दु भाले की सराहनीय भूमिका रही।






