धमधा // धमधा श्रेया अस्पताल की बड़ी लापरवाही नजर आया है, 10 अक्टूबर 2025 की रात को पदमाबाई वर्मा नामक एक बुजुर्ग महिला अपने घर के आंगन में गिर गई थीं, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आ गई और वे चलने में असमर्थ हो गईं।
जिसके इलाज के लिए उनके पुत्र चिराज वर्मा ने श्रेया अस्पताल में भर्ती कराया था, जो कि उनकी मृत्यु हो गई। चिरज वर्मा द्वारा थाना धमधा में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि जिसके उपचार के लिए उन्हें श्रेया अस्पताल एण्ड डायग्नोस्टिक सेंटर, धमधा में भर्ती कराया गया, जो 13 अक्टूबर 2025 को उनके पैर का ऑपरेशन किया गया। 14 अक्टूबर 2025 को उनकी हालत बिगड़ने एवं सांस तेज चलने पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।
श्रेया अस्पताल के स्टाफ एवं एम्बुलेंस के माध्यम से पदमाबाई वर्मा को शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित किया गया।
परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया कि उन्हें बिना सहमति के रेफर किया गया तथा रेफर करते समय एम्बुलेंस में समुचित चिकित्सकीय देखरेख एवं डॉक्टर की उपलब्धता नहीं थी, जिसके कारण रास्ते में ही मृतिका की मृत्यु हो गई।
उक्त तथ्यों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित डॉक्टर द्वारा उपेक्षापूर्ण एवं लापरवाहीपूर्ण चिकित्सकीय कार्य से मृत्यु कारित होना पाया गया।
आरोपीओ को अपराध धारा 106(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्य पाए जाने पर आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी — मनीष राजपूत, पिता रामसिंह राजपूत, उम्र 42 वर्ष, निवासी – ग्राम भरनी, जिला दुर्ग (प्रबंधक, श्रेया अस्पताल धमधा)
डॉ. अभिषेक पाण्डेय, पिता अनिल कुमार पाण्डेय,
निवासी – मॉडल भिलाई, चौकी स्मृति नगर, थाना सुपेला
आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।






