दुर्ग। दुर्ग बीआई टी के सभागार में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर व्याख्यान संपन्न हुई। दीनदयाल विचार प्रकाशन एवं सेवा समिति दुर्ग द्वारा आयोजित इस विचार गोष्ठी के मुख्यवक्ता डॉ देवनारायण साहू प्रान्त संगठन मंत्री विद्या भारती ,मुख्यातिथि विजय बघेल संसद दुर्ग लोकसभा ,विशेष अतिथि समाज सेवी नेतराम अग्रवाल, समाज सेवी डॉ रामस्वरूप शर्मा एवं नीतीश चन्द्राकर भी मंच पर उपस्थित रहे ।
अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया मुख्य अतिथि बघेल ने एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल थे। पंडित दीनदयाल एक कुशल संगठक अजातशत्रु प्रख्यात वक्ता लेखक पत्रकार और चिंतक भी थे उन्होंने संपूर्ण जीवन समाज के लिए समर्पित किया एकात्म मानववाद के नाम से उन्होंने नया आर्थिक एवं सामाजिक चिंतन दिया जो साम्यवाद और पूंजीवाद की विसंगतियों से भी ऊपर उठकर देश को सही दिशा दिखाने में सक्षम है ।
कार्यक्रम को नेतराम अग्रवाल ने भी संबोधित किया। मुख्य वक्ता डॉ देवनारायण ने एकात्म मानव दर्शन पर अपने विचार रखते हुए कहा वसुधैव कुटुम्बकम्” भारतीय सभ्यता से प्रचलित है। इसी के अनुसार भारत में सभी धर्मों को समान अधिकार प्राप्त हैं। संस्कृति से किसी व्यक्ति, वर्ग, राष्ट्र आदि की वे बातें, जो उसके मन, रुचि, आचार, विचार, कला-कौशल और सभ्यता की सूचक होती हैं, पर विचार होता है।
दूसरे शब्दों में कहें तो यह जीवन जीने की शैली है। शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा की प्रगति विचारकों को लग रहा है कि उनकी जीवन-पद्धति में कहीं-न-कहीं कोई मौलिक गलती है, जिससे समृद्धि के बाद भी वे गुखी नहीं कारण यह है कि वे मनुष्य का पूर्ण विचार नहीं कर पाए। हमारे यहाँ पर इस बात का पूरा विचार किया गया है।
इसलिए हमने कहा है कि मानव की प्रगति का मतलब शरीर, मन, बुद्धि व आत्मा-इन चारों की प्रगति है। बहुत बार लोग समझते है और इस बात का प्रचार भी किया गया है कि भारतीय संस्कृति तो केवल आना का विचार करती है, बाकी के बारे में यह विचार नहीं करती। यह गलत है। आत्मा का विचार जरूर करते हैं, किन्तु यह नहीं कि हम शरीर, मन और बुद्धि का विचार नहीं करते। अन्य लोगों ने तो केवल शरीर का विचार किया। कार्यक्रम के अंत में पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर भूषण साहू, दिलेश्वर उम्ररे, सुनील पटेल, रोशन ताम्रकार ताम्रकार, महेश यादव, रामशिला साहू, जितेन्द्र वर्मा, ललित चंद्राकर, हर्षा लोंकमणी चंद्राकर, एन.पी.दीक्षित, डॉ.दीप चटर्जी, देशदीपक सिंह, बोरी राम निषाद, हेमंत नाग आदि सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे
कार्यक्रम में स्वागत गीत श्रीमती निशा साहू द्वारा प्रस्तुत किया गया.कार्यक्रम का संचालन अम्बरीश त्रिपाठी ने किया व आभार प्रदर्शन डॉ.सुनील साहू द्वारा किया गया.समापन पर वन्देमातरम गीत श्रीमती गीता सिंह ने प्रस्तुर किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ अमरीश त्रिपाठी एवं आभार डॉ सुनील साहू ने किया ।





