202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त, कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई

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रायपुर // जिला प्रशासन द्वारा खरीफ मौसम 2026 के दौरान उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक विक्रय केंद्रों के साथ-साथ अवैध भंडारण एवं नकली उर्वरकों के विरुद्ध कृषि विभाग द्वारा लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग की टीम ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पांडुका में बड़ी कार्रवाई करते हुए 202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड खैरागढ़ अंतर्गत ग्राम पांडुका निवासी राजेश वर्मा के गोदाम से महाराष्ट्र निर्मित 202 बोरी खाद बरामद की गई, जिस पर डीएपी अंकित था। विभाग को सूचना मिली थी कि उक्त खाद किसानों को 1,900 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है। सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

प्रारंभिक जांच के दौरान राजेश वर्मा द्वारा उक्त खाद को मनोज वर्मा का बताया गया, किंतु खाद की खरीदी एवं भंडारण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दस्तावेजों के अभाव में कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संपूर्ण स्टॉक को जब्त कर लिया तथा प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री खरीदें तथा खरीदारी के समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजीकृत विक्रेताओं के साथ-साथ अन्य व्यक्तियों द्वारा कालाबाजारी, मुनाफाखोरी, अवैध भंडारण अथवा नकली खाद से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर किसानों के हितों की रक्षा की जा सके। कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री लुकमान साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री लखेश्वर तिवारी, श्री देवेंद्र वर्मा एवं श्री अश्विन पटौती उपस्थित रहे।

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