ऐतिहासिक मावली मेला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शासन करेगा हरसंभव प्रयास

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रायपुर // मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर के ऐतिहासिक मावली मेला के संरक्षण, संवर्धन एवं उसकी पारंपरिक परंपराओं के निर्वहन के लिए शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज विश्राम भवन में जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मावली मेला जिले की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे पुरातन मेलों और मड़ई की परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के संपूर्ण उन्मूलन के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और साहसिक कार्रवाई के परिणामस्वरूप नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक बस्तर की धरती से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का संकल्प लिया गया है, जो अब साकार होने की दिशा में है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग सवा लाख करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास तथा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि माओवाद के उन्मूलन के साथ-साथ उसकी विचारधारा को समाप्त करना भी आवश्यक है, जिसके लिए सतत संपर्क और सतत विकास की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ विकास को समान रूप से आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में पर्यटन एवं लघु उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि धुड़मारास जैसे ग्रामों ने वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर पहचान बनाई है। क्षेत्र में होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त कमरे निर्माण हेतु सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी एवं नजूल पट्टा प्रदान करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है तथा गत वर्ष किए गए वृक्षारोपण से प्रदेश में वनों का रकबा बढ़ा है।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, छोटेडोंगर सरपंच श्रीमती संध्या पवार, वरिष्ठ नागरिक बृजमोहन देवांगन सहित समाज प्रमुख एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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